टीएमसी के राज में लोकतंत्र वेंटिलेटर पर, इस बार बंगाल चुनाव में लड़ाई ‘जनता बनाम ममता’, कोलकाता में गरजे शमिक भट्टाचार्य

Samik Bhattacharya Meet the Press: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कोलकाता प्रेस क्लब में ममता बनर्जी सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने बंद कारखानों, आलू किसानों के संकट और लोकतंत्र के पतन पर क्या-क्या कहा, यहां पढ़ें.
खास बातें
Samik Bhattacharya Meet the Press: पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने कोलकाता प्रेस क्लब के Meet the Press कार्यक्रम में राज्य की वर्तमान स्थिति पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2011 में जिस ‘परिवर्तन’ के वादे के साथ तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आयी थी, वह महज एक दिखावा साबित हुआ. शमिक भट्टाचार्य ने राज्य की आर्थिक बदहाली, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि आगामी चुनाव अब भाजपा बनाम टीएमसी नहीं, बल्कि ‘जनता बनाम तृणमूल’ की सीधी लड़ाई है.
लोकतंत्र और प्रशासन : पार्टी और पुलिस के बीच फर्क खत्म
शमिक भट्टाचार्य ने अपने वक्तव्य में संवैधानिक संस्थाओं पर हो रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में बंगाल का लोकतांत्रिक ढांचा पूरी तरह कमजोर हो चुका है. न्यायपालिका से लेकर अन्य स्वतंत्र संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है. प्रशासन और सत्तारूढ़ दल के बीच का अंतर अब लगभग समाप्त हो गया है, जो लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है.
79,000 कारखाने बंद, पलायन को मजबूर प्रतिभा
राज्य की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किये.
- बंद होती इंडस्ट्री : भाजपा नेता ने दावा किया कि पिछले 15 सालों में बंगाल में लगभग 79,000 कारखाने बंद हो चुके हैं. 1,000 से अधिक कंपनियां लिक्विडेशन की प्रक्रिया में हैं.
- कर्ज का बोझ : पश्चिम बंगाल पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जबकि बुनियादी ढांचे (पूंजीगत व्यय) पर खर्च घटता जा रहा है.
- पलायन का दर्द : सिंगूर और नंदीग्राम जैसी घटनाओं ने उद्योगों को नकारात्मक संदेश दिया, जिसके कारण कंपनियां अपने मुख्यालय दूसरे राज्यों में ले जा रही हैं. इससे राज्य की प्रतिभा और श्रम का पलायन हो रहा है.
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कृषि संकट : आलू किसानों की स्थिति भयावह
बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि उत्पादन लगातार गिर रहा है और किसान कर्ज के जाल में फंसे हैं. विशेष रूप से आलू किसानों की वर्तमान स्थिति को उन्होंने ‘भयावह’ बताया. इसके लिए सरकार की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराया.
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कानून-व्यवस्था और सुरक्षा : कट्टरपंथ पर जतायी चिंता
प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य की सुरक्षा स्थिति और जनसांख्यिकीय परिवर्तन को बंगाल की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक करार दिया. उन्होंने दावा किया कि बंगाल में कानून का शासन खत्म हो चुका है. प्रशासन पूरी तरह राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है. कट्टरपंथ और बदलती जनसांख्यिकी को लेकर उन्होंने केंद्र और राज्य की जनता को सतर्क रहने की अपील की.
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Samik Bhattacharya: जनता ही भाजपा का चेहरा
बंगाल चुनाव 2026 में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के सवाल पर शमिक भट्टाचार्य ने स्पष्ट रुख अपनाया. कहा कि भाजपा व्यक्ति विशेष की बजाय नीतियों और कार्यक्रमों के आधार पर चुनाव लड़ती है. बंगाल की जनता ही पार्टी का चेहरा है. भाजपा का लक्ष्य बंगाल को भ्रष्टाचार और भय से मुक्त कर विकास के पथ पर ले जाना है. उन्होंने राज्य की जनता से भविष्य की पीढ़ियों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए ‘परिवर्तन’ के पक्ष में मतदान करने की भावुक अपील की.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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