बंगाल चुनाव से पहले चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, TMC के लिए प्रचार करने के आरोप में 5 BLO सस्पेंड

Eci Suspends 5 Blo West Bengal Election 2026
ECI Suspends 5 BLO: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 बीएलओ को सस्पेंड कर दिया है. इन पर टीएमसी के लिए गुप्त रूप से प्रचार करने का आरोप था. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
ECI Suspends 5 BLO: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से कुछ दिन पहले निर्वाचन आयोग (ECI) ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है. चुनाव आयोग ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के गंभीर आरोपों के बाद 5 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. आयोग की इस कार्रवाई ने सरकारी महकमे और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है.
क्या है पूरा मामला? कैसे हुआ खुलासा
बूथ लेवल अधिकारियों पर आरोप था कि वे अपने पद की मर्यादा और सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए पर्दे के पीछे से सत्तारूढ़ ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के चुनावी अभियान में मदद कर रहे थे.
- गोपनीय शिकायत : चुनाव आयोग को गुप्त सूत्रों और विपक्षी दलों के माध्यम से जानकारी मिली थी कि कुछ बीएलओ मतदाताओं को प्रभावित करने और सत्ताधारी दल के समर्थन में माहौल बनाने का काम कर रहे हैं.
- जांच में पुष्टि : प्राथमिक जांच और प्राप्त सबूतों के आधार पर आयोग ने पाया कि इन अधिकारियों की गतिविधियां चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन हैं. इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी को इन्हें सस्पेंड करने का निर्देश जारी किया गया.
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निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग की जीरो टॉलरेंस नीति
आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों को सख्त संदेश दिया है कि वे किसी भी राजनीतिक दल के प्रति निष्ठा दिखाने की जगह अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाएं. मतदान से पहले संवेदनशील बूथों और बीएलओ की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है. किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत एफआईआर और निलंबन जैसी कार्रवाई की जायेगी.
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ECI Suspends 5 BLO: राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस निलंबन के बाद राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गयी है. भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने इसे ‘देर से लिया गया सही फैसला’ बताया है, तो तृणमूल कांग्रेस ने इसे केंद्र के दबाव में की गयी कार्रवाई करार देने की कोशिश की है. बता दें कि बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान है. 4 मई को नतीजे आयेंगे.
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By मिथिलेश झा
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