विस चुनाव से पहले राज्य में मजबूत नींव बनाने की तैयारी में आरएसएस
Published by : SUBODH KUMAR SINGH Updated At : 08 Sep 2025 1:41 AM
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में अपनी नींव मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है.
बंगाल में शाखाओं की संख्या बढ़ाने पर जोर
संवाददाता, कोलकाता.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में अपनी नींव मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. संगठन सूत्रों के अनुसार राजस्थान के जोधपुर में हुई एक समन्वय बैठक में यह निर्णय आधिकारिक रूप से लिया गया. इसका मुख्य उद्देश्य चुनाव से पहले संगठन का विस्तार करना और राज्य के घर-घर तक अपनी विचारधारा को और गहराई से पहुंचाना है. संघ के शीर्ष नेतृत्व ने समीक्षा कर पाया कि उत्तर बंगाल में संगठन अब कमजोर स्थिति में है, इसलिए उत्तर बंगाल पर विशेष जोर देते हुए शाखाएं बढ़ाने और स्थानीय प्रचारकों को सक्रिय करने की रूपरेखा तैयार की गयी है.
दक्षिण बंगाल और अन्य जिलों में जहां शाखाएं कम हैं, वहां तुरंत नयी शाखा खोलने के निर्देश दिये गये हैं. आरएसएस इस वर्ष विजयादशमी पर अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है. इस अवसर पर पूरे देश में एक विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया गया है. अभियान का मुख्य उद्देश्य पिछले 100 वर्षों में संघ विभिन्न बाधाओं को पार करते हुए राष्ट्र निर्माण के कार्यों में कैसे संलग्न रहा है, इसका इतिहास जनता के सामने प्रस्तुत करना है.
संघ प्रमुख मोहन भागवत दिल्ली में एक बैठक में संगठन के दर्शन को पहले ही समझा चुके हैं. इस बार उनकी बंगाल आने की भी योजना है. जानकारी के मुताबिक वह राज्य के विभिन्न हिस्सों में आयोजित विशेष सम्मेलनों में सीधे शामिल होंगे. राज्य भर में संघ का अभियान अगले महालया के दिन से शुरू होगा. इस कार्यक्रम में नागरिक सम्मेलन और गृह संपर्क अभियान शामिल हैं. स्थानीय स्तर पर प्रचारक मोहल्ले-मोहल्ले, घर-घर जाकर संघ की विचारधारा का प्रचार-प्रसार करेंगे. इसके साथ ही सड़क पर आमलोगों से सीधा संपर्क स्थापित करने की भी योजना है.
सूत्रों के अनुसार अगले साल जनवरी में उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल में अलग-अलग हिंदू सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे. इसमें संघ के अखिल भारतीय नेता मौजूद रहेंगे. यह माना जा रहा है कि जिस तरह इन सम्मेलनों के जरिये संगठन का संदेश फैलाया जायेगा, उसी तरह आरएसएस चुनाव से पहले भाजपा के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करेगा. संघ की यह पहल राज्य की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रहे टकराव को एक नया आयाम देगी. संगठन सूत्रों का दावा है कि इस योजनाबद्ध कार्यक्रम के परिणामस्वरूप चुनाव से पहले संघ का प्रभाव और अधिक स्पष्ट हो जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










