रेलकर्मी सुरक्षा प्रोटाकॉल का करें पालन ताकि ट्रेन परिचालन न हो बाधित : डीआरएम

इस संगोष्ठी की अध्यक्षता सियालदह मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजीव सक्सेना ने किया.
सियालदह मंडल ने शीतकाल के मद्देनजर कोहरे से बचाव पर सुरक्षा संगोष्ठी का किया आयोजन
कोलकाता. शीत ऋतु में कोहरा, ट्रेन परिचालन के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ा रहता है. मंगलवार को इसी चुनौती से निपटने के लिए सियालदह मंडल में शीत ऋतु में सावधानियां विषय पर एक सुरक्षा संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस संगोष्ठी की अध्यक्षता सियालदह मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजीव सक्सेना ने किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआरएम राजीव सक्सेना ने कहा कि सुरक्षा हमारी सर्वोच्च चिंता है, खासकर तब जब सर्दियों का मौसम लगभग शुरू हो चुका है. कुछ राज्यों में कोहरे की चुनौती शुरू हो चुकी है. उन्होंने रेलकर्मियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सतर्कता और प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन होने के कारण मंडल में ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हुई है. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क करते हुए कहा कि ट्रेन परिचालन में किसी भी शार्टकट का सहारा ना लें.
ट्रेन चालकों को निर्देश दिया गया है कि घने कोहरे के दौरान भी सुरक्षा दृश्यता मानकों का पालन करें, सभी सिग्नल सिस्टमों की रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. डेटोनेटर लगाकर लोको पायलटों को सतर्क करने के लिए, फॉग सिग्नल पोस्ट बनाये गये हैं. समपार फाटकों पर अतिरिक्त सावधानियां बरती जा रही हैं. यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी बैरियर और गेटों पर रिफ्लेक्टिव टेप और चिह्न, स्पष्ट रूप से दिखाई दें, लेवल क्रॉसिंग गेटों को या तो रंगा गया हो या उन पर पीली/काली चमकदार पट्टियां लगी हों, हूटर ठीक से काम कर रहा है ताकि घने कोहरे में भी वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी मिल सके. रेल, वेल्ड फ्रैक्चर जैसी घटनाओं बचने के लिए पटरियों की विशेष निगरानी के लिए प्रत्येक दिन रात 10.00 बजे से सुबह 6:00 बजे के बीच पैट्रोल-मैन की तैनाती की जा रही है.
संगोष्ठी में मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक के साथ सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. संगोष्ठी में रेलवे के 170 फ्रंट लाइन रेलकर्मी और अधिकारी उपस्थित रहे.
इसमें मुख्य रूप से वरिष्ठ पर्यवेक्षकों, यातायात निरीक्षकों (टीआई), स्टेशन मास्टरों (एसएम), लोको पायलट पैसेंजर (एलपीपी), सहायक लोको पायलट (एएलपी), ट्रैक मेनटेनर (टीएम) और मेंटेनरों ने संवाद सत्र में हिस्सा लिया.
इस कार्यक्रम का उद्देश्य सर्दियों और कोहरे की स्थिति में कम दृश्यता के बावजूद रेल परिचालन को सुचारू और सुरक्षित बनाये रखना था. इस सेमिनार में सिग्नल एवं दूरसंचार, परिचालन, इंजीनियरिंग, टीआरडी, विद्युत परिचालन से संबंधित विशिष्ट सावधानियों पर चर्चा की गयी और सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाए गये कदमों पर चर्चा हुई.
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