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तृणमूल कांग्रेस ज्वाइंन कर सकते हैं प्रतीक उर रहमान, इस सीट से ममता बना सकती हैं उम्मीदवार

Updated at : 17 Feb 2026 12:18 PM (IST)
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तृणमूल कांग्रेस ज्वाइंन कर सकते हैं प्रतीक उर रहमान, इस सीट से ममता बना सकती हैं उम्मीदवार

Pratik Ur Rahaman: प्रतीक तृणमूल से निष्कासित हुमायूं कबीर के साथ वामपंथी गठबंधन पर चर्चा को स्वीकार नहीं कर सके. इसी वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया. अब उनके अगले कदम पर चर्चा हो रही है. कहा जा रहा है कि वो जल्द ही ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल की सदस्यता लेंगे.

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Pratik Ur Rahaman : कोलकाता: सीपीआई (एम) से अलग हुए युवा नेता प्रतीक-उर-रहमान को लेकर बड़ी सूचना आ रही है. प्रतीक-उर-रहमान इसी हफ्ते तृणमूल में शामिल हो सकते हैं. चर्चा यह भी है कि ममता बनर्जी इस युवा नेता को विधानसभा चुनाव में उतर सकती हैं. उन्हें दक्षिण 24 परगना जिले से टिकट मिल सकता है. पिछले लोकसभा चुनावों में प्रतीक डायमंड हार्बर से सीपीएम के टिकट पर चुनाव लड़े थे. अगर वे इस बार तृणमूल में शामिल होते हैं, तो कुछ लोगों का मानना ​​है कि उन्हें फिर से दक्षिण 24 परगना से उम्मीदवार के रूप में देखा जा सकता है. वैसे तृणमूल के एक वर्ग का कहना है कि अगर वे पार्टी में शामिल होते हैं तो उन्हें मगराहट विधानसभा क्षेत्र से भी टिकट मिल सकता है.

प्रतीक ने कुछ भी कहने से किया इनकार

फिलहाल यह आधिकारिक रूप से नहीं कहा गया है कि प्रतीक का अगला कदम क्या होगा. ज़ाहिर है, प्रतीक किसी भी मुद्दे पर अभी कुछ बोलना नहीं चाहते. माकपा के प्राथमिक सदस्य के पद से इस्तीफा देना हो या किसी अन्य पार्टी में शामिल होना. उन्होंने अपने फैसले को सार्वजनिक नहीं किया है. प्रतीक ने केवल इतना कहा है- व्यक्तिगत रूप से मेरा किसी से कोई मतभेद नहीं है. मैंने पार्टी को अपने विचार बता दिए हैं. शीर्ष नेतृत्व ने अभी तक मुझसे संपर्क नहीं किया है. यह पार्टी का आंतरिक मामला है, इसलिए मैं इसे सबके सामने नहीं बोलूंगा. समय आने पर मैं मीडिया को सूचित करूंगा.

लड़ चुके हैं लोकसभा का चुनाव

2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान, प्रतीक-उर-रहमान ने डायमंड हार्बर से तृणमूल के दूसरे नंबर के नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ वामपंथी दल से चुनाव लड़ा था. हालांकि वे सीपीएम के युवा नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने मैदान में डटकर मुकाबला किया.. उन्होंने हार नहीं मानी. फिलहाल, बंगाल में सीपीएम की हालत बहुत खराब है. न कोई सांसद है, न कोई विधायक. इस स्थिति में सीपीएम नेताओं को धीरे-धीरे समझ आ रहा है कि चुनाव से ठीक पहले प्रतीक-उर-रहमान जैसे युवा चेहरे का पार्टी छोड़ना पार्टी के लिए कितना बड़ा नुकसान है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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