हावड़ा व सियालदह मंडल की हाई-लेवल डिविजनल कमेटी के साथ हुई बैठक कोलकाता. मंगलवार को सांसदों के साथ पूर्व रेलवे की एक उच्च-स्तरीय डिविजनल कमेटी की बैठक आयोजित की गयी. इसमें पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देवस्कर भी उपस्थित थे. इस दौरान पूर्व रेलवे के प्रमुख विभागाध्यक्ष, हावड़ा मंडल के डीआरएम विशाल कपूर और सियालदह मंडल के डीआरएम राजीव सक्सेना भी मौजूद रहे. बैठक में हावड़ा और सियालदह डिविजनों से जुड़े प्रमुख परिचालन मुद्दों, यात्री सुविधाओं और विकासात्मक योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गयी. बैठक की अध्यक्षता सांसद सौगत राय ने की. बैठक में सांसद सौगत राय, प्रसून बनर्जी, प्रतिमा मंडल, जगन्नाथ सरकार, अबू ताहेर खान, महुआ मोइत्रा, डॉ शर्मिला सरकार और शमिक भट्टाचार्य उपस्थित थे. इस अवसर पर कुछ सांसदों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. सभी सांसदों का स्वागत पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक ने किया. रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैठक का उद्देश्य रेल बुनियादी ढांचे के सर्वांगीण विकास, यात्री सुविधाओं में वृद्धि और पूर्व रेलवे नेटवर्क पर यात्रियों की सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित करना था. बैठक के दौरान सांसदों ने बुनियादी ढांचे के विकास, अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं की शुरुआत, विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव, रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और लिमिटेड हाइट सबवे (एलएचएस) के निर्माण, साथ ही अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में यात्री सुविधाओं को बढ़ाने से संबंधित कई मांगें और प्रस्ताव रखे. बैठक में सांसद प्रसून बनर्जी ने बेलूड़ स्टेशन पर जलभराव की समस्या उठायी. उन्होंने कहा कि रेल लाइन के नीचे बने सब-वे में वर्षभर पानी जमा रहता है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस दौरान सांसद महुआ मोइत्रा ने बेथुआडाहारी स्टेशन के पास लिमिटेड हाइट सब-वे के निर्माण और कृष्णानगर मार्ग से नयी एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन का प्रस्ताव रखा. सांसद जगन्नाथ सरकार ने कल्याणपुर स्टेशन पर एक रिजर्व टिकट काउंटर और मोशन-सेंसिंग एस्केलेटर लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया. सांसद अबू ताहेर खान ने अजीमगंज जंक्शन के पास एक रोड ओवर ब्रिज और लिमिटेड हाइट सब-वे, बेलडांगा स्टेशन पर एक फुट ओवर ब्रिज के निर्माण तथा सियालदह-लालगोला पैसेंजर ट्रेनों में एसी 2-टियर और एसी 3-टियर कोचों की संख्या बढ़ाने का अनुरोध किया. इसी तरह सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े कई अन्य जनहित के मुद्दे भी रेलवे अधिकारियों के समक्ष रखे. बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देवस्कर ने कहा कि यात्री सुविधाओं से संबंधित कार्य नियमित फंडिंग के साथ तेजी से आगे बढ़ाये जा रहे हैं. उन्होंने सांसदों को आश्वासन दिया कि सभी प्रस्तावों और मांगों की व्यवहार्यता की जांच की जायेगी और नियमों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी अथवा रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद उन्हें लागू किया जायेगा.
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