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जगद्धात्री पूजा में पुरुष धरते हैं महिलाओं का वेश, निभाते हैं सदियों पुरानी रस्म

Updated at : 26 Oct 2025 11:13 PM (IST)
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जगद्धात्री पूजा में पुरुष धरते हैं महिलाओं का वेश, निभाते हैं सदियों पुरानी रस्म

कृष्णनगर की अनोखी परंपरा

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कृष्णनगर की अनोखी परंपरा

कल्याणी. नदिया जिले के कृष्णनगर में हर वर्ष जगद्धात्री पूजा के दौरान एक अनोखी परंपरा निभायी जाती है, जिसमें पुरुष महिलाओं के वेश में जल में स्नान करते हैं. यह प्रथा सदियों पुरानी है और आज भी पूरी श्रद्धा के साथ निभायी जाती है. मालोपाड़ा बरवारी की यह पूजा क्षेत्र की सबसे प्रसिद्ध और असाधारण परंपराओं में से एक है. कृष्णनगर की सबसे प्राचीन पूजा राजा कृष्णचंद्र राजबाड़ी में होती है. इतिहास के अनुसार, नवाब अलीवर्दी खान के शासनकाल में नदिया के राजा कृष्णचंद्र राय से बारह लाख टका कर मांगा गया था. राजा ने इनकार कर दिया, तो उन्हें मुर्शिदाबाद में बंदी बना लिया गया. रिहा होने के बाद, जब वह नदी के रास्ते कृष्णनगर लौट रहे थे, तो उन्होंने देवी दुर्गा के विसर्जन का संगीत सुना. उस वर्ष दुर्गापूजा न कर पाने के दुख में, उन्हें एक स्वप्न संदेश मिला और उसी के बाद उन्होंने जगद्धात्री पूजा आरंभ की.

मालोपाड़ा बरवारी की पूजा प्राचीनता में दूसरे स्थान पर आती है. यहां देवी जलेश्वरी की पूजा होती है. कहा जाता है कि यह पूजा राजा से मिले अनुदान के बाद शुरू हुई थी, और आज तक वह अनुदान बंद नहीं हुआ है. परंपरा के अनुसार, पुरुष महिलाओँ की तरह साड़ी और आभूषण पहनकर जल मंदिर जाते हैं. घर की महिलाएं उन्हें तैयार होने में मदद करती हैं. जल भरने के बाद ये पुरुष महिलाओं के वेश में तीन अन्य मंदिरों में जाकर देवताओं को आमंत्रित करते हैं.

हालांकि इस परंपरा के पीछे का सटीक कारण ज्ञात नहीं है, किंतु धार्मिक मान्यता है कि यहां शिव की पूजा उनकी माता के साथ की जाती है. ऐसा माना जाता है कि स्त्रियों की रचना स्वयं शिव ने की थी, इसलिए भगवान को प्रसन्न करने और स्त्रियों का सम्मान करने के उद्देश्य से यह अनोखी प्रथा आरंभ हुई.

पूजा के दौरान धूनो (धूप) जलाया जाता है, जिसकी जलती लौ कभी-कभी मंदिर की छत तक पहुंच जाती है. देवी जलेश्वरी का निरंजन (दीप प्रज्ज्वलन अनुष्ठान) भी आज तक पारंपरिक तरीके से ही किया जाता है. क्षेत्र के सभी लोग बड़ी श्रद्धा और उत्साह से मालोपाड़ा बरवारी की इस ऐतिहासिक पूजा में भाग लेते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANDIP TIWARI

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By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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