माओवादी नेता विकास मुर्मू की उम्रकैद की सजा बरकरार

एक युवक की हत्या के मामले में झाड़ग्राम जिला अदालत ने माओवादी नेता विकास मुर्मू को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी.
हाइकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर हस्तक्षेप से किया इंकार
2012 में की थी युवक की हत्या
संवाददाता, कोलकाताएक युवक की हत्या के मामले में झाड़ग्राम जिला अदालत ने माओवादी नेता विकास मुर्मू को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी. निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी. लेकिन हाइकोर्ट ने भी माओवादी नेता को किसी प्रकार की राहत देने से इंकार कर दिया है. बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट के न्यायाधीश जयमाल्य बागची व न्यायाधीश गौरांग कांत की खंडपीठ ने निचली अदालत के फैसले पर हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा. गौरतलब है कि माओवादी नेता विकास मुर्मू वर्ष 2012 में एक शिक्षक का अपहरण करने के लिए गया था, लेकिन जब शिक्षक के बेटे ने अपहरण में बाधा देने की कोशिश की तो विकास मुर्मू के लोगों ने चाकू घाेंप कर उसकी हत्या कर दी थी. इस मामले में झाड़ग्राम जिला अदालत ने वर्ष 2019 में विकास मुर्मू को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी, जिसके खिलाफ विकास मुर्मू ने हाइकोर्ट का रुख किया था.
बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि विकास मुर्मू व उसके साथियों द्वारा किया गया अपराध क्षमा योग्य नहीं है. इसलिए सजा में किसी प्रकार की राहत नहीं दी जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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