ePaper

कई दवाएं व चिकित्सकीय उपकरण गुणवत्ता जांच में फेल

Updated at : 11 Feb 2026 2:31 AM (IST)
विज्ञापन
कई दवाएं व चिकित्सकीय उपकरण गुणवत्ता जांच में फेल

देशभर में कई दवाइयां और मेडिकल उपकरण फिर से क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गये हैं. कुल 179 तरह की दवा व चिकित्सकीय उपकरण जांच में फेल हुए हैं.

विज्ञापन

संवाददाता, कोलकाता

देशभर में कई दवाइयां और मेडिकल उपकरण फिर से क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गये हैं. कुल 179 तरह की दवा व चिकित्सकीय उपकरण जांच में फेल हुए हैं. फेल हुईं दवाइयों में पश्चिम बंगाल की कई कंपनियों की बनायी दवा भी शामिल हैं. कोलकाता समेत राज्य के अलग-अलग हिस्सों की दवा दुकानों से लिये गये सैंपल भी फेल हुए हैं.

राज्य में खाने की नली में इन्फेक्शन रोकने वाली प्राय: सभी दवाइयां गुणवत्ता जांच में फेल रही हैं. राजारहाट स्थित कैपलेट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार ओआरएस भी गुणवत्ता जांच में सफल नहीं हुई है. उत्तर 24 परगना की महिष्पत्तर स्क्वायर फार्मास्युटिकल कंपनी की बनायी एंटीबायोटिक दवा भी फेल हो गयी है. इसके अलावा बर्दवान, मालदा और हावड़ा की तीन दवा दुकानों से जांच के लिए इकट्ठा की गयी ब्लड प्रेशर कंट्रोल करनेवाली दवाइयां, एंटीबायोटिक्स और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज की दवाइयां राज्य की दवा जांच लैब में फेल हुई हैं. जांच की गयीं कुछ दवा नकली थीं, तो कुछ दूसरी कंपनियों के ब्रांड नेम से मार्केट में बेची जा रही थीं.

इसके साथ ही सेंट्रल ड्रग कंट्रोल का ऑर्डर मिलने के बाद राज्य सरकार ने बिहार के हाजीपुर की एक कंपनी द्वारा बनाये गये बच्चों में सर्दी-जुकाम और एलर्जी के लिए इस्तेमाल होने वाले सिरप के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाने का निर्देश जारी किया है. सिरप का नाम अल्मोंट किड है. राज्य सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि बच्चों के इस सिरप में बहुत नुकसानदायक और टॉक्सिक एथिलीन ग्लाइकॉल है. सभी सेलर और होलसेलर को निर्देश दिया गया है कि अगर किसी के पास इस दवा का स्टॉक है, तो वे तुरंत इसकी मार्केटिंग न करें. दवा को किसी भी तरह से खरीदा या इस्तेमाल न किया जाये.

जांच में फेल हुई दवाइयों में डाइजेस्टिव, न्यूरोलॉजिकल, अल्सर, टीबी, कैंसर, कैल्शियम, विटामिन टैबलेट और फेफड़ों के इन्फेक्शन की दवा और सलाइन शामिल हैं. विदेशी दवाएं भी घरेलू मार्केट में फेल हुई हैं. इस लिस्ट में पॉली इथाइलीन ग्लाइकॉल भी शामिल है, जो सऊदी अरब से भारत में इंपोर्ट की जाने वाली दवाइयों को बनाने में इस्तेमाल होने वाला एक इंग्रीडिएंट है. इस पेट्रोलियम-बेस्ड इंग्रीडिएंट में मौजूद इथाइलीन ग्लाइकॉल और डाइइथाइलीन ग्लाइकॉल कंटैमिनेटेड हैं और तय लेवल से ज्यादा मात्रा में मौजूद हैं. जो बहुत नुकसानदायक है. हैदराबाद में सेंट्रल ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी ने सैंपल्स की टेस्टिंग के बाद यह रिपोर्ट दी है. एक फ्रेंच कंपनी की बनायी डायबिटीज की दवा नियोसॉर्ब फेल हुई. राइस ट्यूब, कॉटन बैंडेज, सर्जिकल ग्लव्स के गणवत्ता सही नहीं है. गुजरात की एक कंपनी की बनायी राइस ट्यूब सेंट्रल ड्रग टेस्टिंग लैब में की गयी जांच में फेल हुई है.

विज्ञापन
AKHILESH KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR SINGH

AKHILESH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola