ePaper

आठ साल में 50% घट गयी ममता की संपत्ति

Updated at : 01 Jan 2025 1:03 AM (IST)
विज्ञापन
आठ साल में 50% घट गयी ममता की संपत्ति

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ए़डीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच की समीक्षा रिपोर्ट में खुलासाममता ने एक इंटरव्यू में कहा था- वह सरकारी पैसे से चाय तक नहीं पीतीं

विज्ञापन

देश में सबसे गरीब मुख्यमंत्रियों की सूची में ममता बनर्जी शीर्ष पर, है सिर्फ 15 लाख की संपत्ति

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ए़डीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच की समीक्षा रिपोर्ट में खुलासा

ममता ने एक इंटरव्यू में कहा था- वह सरकारी पैसे से चाय तक नहीं पीतीं

संवाददाता, कोलकाता

अपनी सादगी के लिए चर्चित पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम एक बार फिर देश की सबसे गरीब मुख्यमंत्रियों की सूची में शीर्ष पर आया है.13 सालों से मुख्यमंत्री पद पर बैठीं ममता बनर्जी की संपत्ति घटती जा रही है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच की समीक्षा रिपोर्ट में यह सामने आया है कि सुश्री बनर्जी के पास कुल 15 लाख की संपत्ति है, जो अन्य मुख्यमंत्रियों की तुलना में सबसे कम है. अगर आठ साल पहले का आंकड़ा देखा जाये, तो उनकी संपत्ति 50 प्रतिशत घट गयी है. एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 में ममता बनर्जी की कुल संपत्ति 30 लाख रुपये थी. 2021 के विधानसभा चुनाव में 16.72 लाख पर आयी, जो अब 15 लाख पर आ गयी है. एक इंटरव्यू में सुश्री बनर्जी ने खुद भी कहा था कि वह सरकारी पैसे की चाय भी नहीं पीतीं, वह कोशिश करती हैं कि अपना सारा खर्च खुद उठा सकें.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास एक सेंट्रो कार है, जिसका वह कोलकाता में उपयोग करती हैं, जबकि कोलकाता से बाहर जाने पर वह महिंद्रा के स्कॉर्पियो या बोलेरो कार का उपयोग करती हैं.

बाकी पेज 11 पर, देखें पेज 02 भी

आठ साल में…

हालांकि माना जाता है कि उनकी कोशिश नजदीकी जगहों पर पैदल जाने की रहती है. वह रोजाना सुबह कालीघाट स्थित अपने ट्रेडमील पर 15-20 मिनट पैदल चलती हैं.

किताबें लिखना और पेंटिंग का शौक

किताबें लिखना और पेंटिंग करना ममता बनर्जी का शुरू से पसंदीदा रहा है. वह अंग्रेजी और बांग्ला में कई किताबें लिखी हैं, जिनमें स्लॉटर ऑफ डेमोक्रेसी, माई अनफॉर्गेटेबल मेमोरीज प्रमुख हैं. इन किताबों की रॉयल्टी ममता की कमाई का मुख्य जरिया है. ममता अपनी पेंटिंग बेचकर भी कमाई करती हैं. हालांकि, बुक की रॉयल्टी और पेंटिंग बिक्री सियासी सुर्खियों में रही है. पेंटिंग और बुक की रॉयल्टी से मिलने वाले पैसे को वह दान भी करती हैं. छोटी-छोटी जरूरतें इन्हीं पैसों से पूरी करती हैं.

नहीं लेती हैं सीएम पद की सैलरी

मुख्यमंत्री से पहले ममता बनर्जी केंद्रीय मंत्री और सांसद भी रह चुकी हैं. पेंशन नियम के मुताबिक उन्हें प्रत्येक माह केंद्र सरकार के 50 हजार रुपये तक पेंशन राशि मिल सकती है, लेकिन 2011 से ही वह इसे नहीं लेती हैं. बंगाल में सीएम को 2.1 लाख सैलरी मिलने का प्रावधान है, लेकिन ममता सीएम की सैलरी नहीं लेती हैं. उन पैसों को कोष में दान कर देती हैं.

ये है पसंदीदा खाना

ममता बनर्जी सुबह ब्रेकफास्ट के रूप में मुरमुरे और चाय लेना पसंद करती हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि शाकाहारी और मांसाहारी दोनों उन्हें पसंद है. उन्हें मछली झोल और चावल अधिक पसंद है. वह आइसक्रीम खाना भी पसंद करती हैं. उन्हें ढोकला और चाइनीज खाना भी पसंद है. दार्जिलिंग दौरे पर जब भी जाती हैं तो वह मोमोज खाना नहीं भूलतीं. मोमोज खाते उनकी कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola