बंगाल चुनाव: मतदान से पहले कोलकाता में बसों पर ‘ब्रेक’, सड़कों से आधी गाड़ियां गायब

Published by :Ashish Jha
Published at :21 Apr 2026 9:53 AM (IST)
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बंगाल चुनाव: मतदान से पहले कोलकाता में बसों पर ‘ब्रेक’, सड़कों से आधी गाड़ियां गायब

कोलकाता में खड़ी बस

Bengal Election: मतदान ड्यूटी के लिए 50 प्रतिशत बसें प्रशासन ने अपने कब्जे में लीं है. सिटी सबअर्बन बस सर्विस के महासचिव टिटू साहा ने निजी बसों के बड़े पैमाने पर उपयोग को लेकर चिंता जताई है.

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Bengal Election: कोलकाता. पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल (गुरुवार) को होने वाले प्रथम चरण के चुनाव से पहले शहर में सार्वजनिक परिवहन पर असर साफ दिखाई देने लगा है. सड़कों से गाड़ियां गायब हो रही हैं. कोलकाता की सड़कों पर निजी सार्वजनिक वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत से भी कम रह गयीं हैं. चुनावी तैयारियों के बीच कोलकाता में बसों की कमी से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन ने चुनाव कार्यों के लिए सोमवार से ही बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी बसों को सड़कों से हटाकर अपने नियंत्रण में लेना शुरू कर दिया है.

अब तक 1600 बसों को किया गया जब्त

जानकारी के अनुसार, सोमवार को ही करीब 50 प्रतिशत बसों को यात्री सेवा से हटा लिया गया. इन बसों का उपयोग केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीएपीएफ) और पुलिस कर्मियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में किया जायेगा. बस यूनियनों के अनुसार, कोलकाता और आसपास के इलाकों में रोजाना लगभग तीन हजार निजी बसें चलती हैं. इनमें से करीब 1600 बसों को चुनावी ड्यूटी के लिए अधिग्रहित (रिक्विजिशन) किया गया है. प्रथम चरण के लिए 50 प्रतिशत बसें पहले ही ले ली गयी हैं, जबकि 25 और 27 अप्रैल को भी कुछ बसों को चुनावी कार्यों में लगाया जायेगा. यूनियन ने मांग की है कि चुनावी जरूरतों के बावजूद कम से कम 40 प्रतिशत बसों का संचालन जारी रखा जाए, ताकि शहर में आवागमन पूरी तरह बाधित न हो.

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एक साथ बसों की जब्ती से बढ़ी परेशानी

सिटी सबअर्बन बस सर्विस के महासचिव टिटू साहा ने निजी बसों के बड़े पैमाने पर उपयोग को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि दो चरणों में होने वाले चुनाव के कारण एक साथ सैकड़ों बसों को ड्यूटी में लगाया जा रहा है. सामान्य दिनों में शहर की बसें 140 से 200 किलोमीटर प्रतिदिन चलती हैं, लेकिन चुनावी ड्यूटी में इन्हें 500 से 600 किलोमीटर तक चलाना पड़ सकता है, जिससे बसों की स्थिति पर असर पड़ेगा. उन्होंने बताया कि इस संबंध में परिवहन विभाग के प्रधान सचिव को पहले ही पत्र भेजा जा चुका है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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