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कोलकाता में जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन : किसने किसके कहने पर तोड़ा गया मंच, हटाए गए बायो टॉयलेट?

Updated at : 19 Sep 2024 8:39 PM (IST)
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kolkata junior doctor protest stage removed

धरना दे रहे जूनियर डॉक्टरों के मंच को खोला गया. फोटो : प्रभात खबर

Kolkata Junior Doctor Protest: कोलकाता में जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन के बीच उनके मंच को हटा दिया गया. वहां लगे बायो टॉयलेट्स भी हटा दिए गए. ये किसने किया?

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Kolkata Junior Doctor Protest: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या के विरोध में धरना दे रहे जूनियर डॉक्टरों के धरना मंच को खोल दिया गया है. वहां लगे बायो टॉयलेट भी हटा दिए गए हैं. जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि पुलिस के कहने पर टेंट वालों ने उनका पंडाल खोल दिया है. हालांकि, पुलिस ने कहा है कि इसमें उसका कोई हाथ नहीं है.

स्वास्थ्य भवन से 100 मीटर की दूरी पर धरना दे रहे जूनियर डॉक्टर

आरजी कर में हुई जूनियर डॉक्टर दुष्कर्म-हत्या की घटना की शिकार प्रशिक्षु डॉक्टर को न्याय दिलाने के लिए जूनियर डॉक्टर सॉल्टलेक स्थित राज्य स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय ‘स्वास्थ्य भवन’ से 100 मीटर दूर धरना पर बैठे हैं. धरना-प्रदर्शन के लिए जूनियर डॉक्टरों ने पंडाल तैयार करवाया था. उसी पंडाल के नीचे वे धरना दे रहे थे. 10 दिन से उनका धरना जारी है.

पुलिस ने कहा- आरोप आधारहीन

इस बीच, जूनियर डॉक्टरों ने आरोप लगाया है कि कोलकाता पुलिस के दबाव में तंबू, बांस की बल्लियां, पंखे और बायो टॉयलेट वहां से हटाये जा रहे हैं. पुलिस ने हालांकि, आरोपों का खंडन करते हुए इसे ‘आधारहीन’ आरोप बताया है.

डॉक्टरों के तिरपाल, बिस्तर, तंबू, पंखे सब हटाए गए

प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने कहा है कि आधी रात को तिरपाल, बिस्तर, तंबू और पंखे धरनास्थल से हटाये गये. चिकित्सकों ने कहा कि जब तंबू लगानेवालों ने उसे खोलना शुरू किया, तो असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई. बताया गया है कि ऊपर से निर्देश आया है. इसलिए तंबू खोल रहे हैं.

आधी रात से बायो टॉयलेट भी हटाया गया

एक चिकित्सक ने बताया कि बुधवार की रात से पंडाल व बॉयो टॉयलेट को हटाने की प्रक्रिया जारी है. कुछ तंबू लगानेवालों ने स्वेच्छा से तंबू, पंखे, बांस की बल्लियां और बिस्तर उपलब्ध करवाए थे. जब उनसे पूछा गया कि वे क्यों अपना सामान वापस ले जा रहे हैं, तो उन्होंने बताया कि जल्द ही वे इन्हें बदल देंगे, क्योंकि अभी उन्हें दुर्गापूजा पंडाल लगाने के लिए इनकी जरूरत है.

जूनियर डॉक्टरों का आरोप- पुलिस के दबाव में हटा रहे टेंट वाले

हालांकि, जूनियर डॉक्टरों ने गुरुवार को आरोप लगाया कि तंबू लगाने वाले अपना सामान पुलिस के दबाव में हटा रहे हैं. एक चिकित्सक ने बताया कि हमने शुरू में सोचा कि तंबू लगाने वाले दुर्गा पूजा पंडाल की साज-सज्जा करने के लिए ये सामान हटा रहे हैं. लेकिन बाद में हमें पता चला कि वे पुलिस के दबाव में ऐसा कर रहे हैं.

डेकोरेटर पर दबाव नहीं दिया गया : विधाननगर डीसी

सॉल्टलेक में जूनियर डॉक्टरों के धरनास्थल से डेकोरेटर्स द्वारा अपना सामान ले जाये जाने, तंबू, बांस-बल्ली और पंखे हटाने को के मामले में विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी (विधाननगर) अनीश सरकार ने सफाई दी है. कहा है कि पुलिस ने किसी तरह का कोई दबाव नहीं दिया है. हमलोगों ने जूनियर डॉक्टरों से बात की है, लेकिन कोई दबाव नहीं दिया है. जूनियर डॉक्टरों को अगर किसी तरह के सहयोग की जरूरत होगी, तो पुलिस उन्हें सहयोग करने के लिए भी तैयार है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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