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जानिए, तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने ममता सरकार को कटघरे में क्यों खड़ा किया

Updated at : 08 Jun 2020 8:29 PM (IST)
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जानिए, तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने ममता सरकार को कटघरे में क्यों खड़ा किया

तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) की सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने ही सरकार यानी ममता सरकार के पंचायत विभाग के कार्य पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने कहा कि कई पंचायतें 60 फीसदी राशि भी खर्च नहीं कर पायी है. हालांकि, राज्य के पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने सुश्री मैत्र के आरोपों को खारिज कर दिया है.

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कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) की सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने ही सरकार यानी ममता सरकार के पंचायत विभाग के कार्य पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने कहा कि कई पंचायतें 60 फीसदी राशि भी खर्च नहीं कर पायी है. हालांकि, राज्य के पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने सुश्री मैत्र के आरोपों को खारिज कर दिया है.

सुश्री मोइत्रा ने फेसबुक पोस्ट में कहा : 14वीं वित्त आयोग फॉरफारमेंस के आधार पर प्रति ग्राम पंचायत को न्यूनतम 1.20 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं. ग्राम पंचायत के फैलाव, जनसंख्या व परफॉरमेंस के आधार पर यह राशि और भी अधिक होती है. आइएसजीपी पंचायत होने पर प्रत्येक वर्ष पंचायतों को 2 करोड़ रुपये मिलते हैं.

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-20 में 14वीं वित्त आयोग की मियाद समाप्त हो गयी है. शीघ्र ही 15वें वित्त आयोग के तहत आवंटित राशि मिलेगी. अभी तक बहुत सी पंचायतें अनुमोदित राशि खर्च नहीं कर पायी है. प्रत्येक वर्ष अनुमोदित राशि का दिसंबर तक कम से कम 60 फीसदी राशि खर्च करने का प्रावधान है, लेकिन बहुत सी पंचायतें यह राशि खर्च नहीं कर पायी है.

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उन्होंने कहा कि यदि इस बड़ी राशि को खर्च किया जाता है, तो ग्रामीण इलाके में कच्चे रास्ते नहीं रहते. वह जब इलाके में जाती हैं, तो उनसे सवाल किया जाता है कि कच्चे रास्ते क्यों पक्के नहीं बने हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में राज्य सरकार ने 5 लाख रुपये से अधिक काम की ई-टेंडरिंग की बात कही थी, लेकिन कई पंचायतों में इसकी मूलभूत सुविधा ही अभी तक उपलब्ध नहीं हुई है. पंचायतें 3.5 लाख से कम राशि खर्च करना चाहती है, ताकि आइएसजीपी व ब्लॉक उससे अधिक राशि की समीक्षा करता है.

उन्होंने कहा कि पंचायतों को ई-टेंडर, 3.5 लाख से अधिक की राशि की परियोजना सहित बड़े कार्य पर ध्यान देना होगा. बड़े कार्यों में रास्ता निर्माण, नाला निर्माण, पेयजल की व्यवस्था आदि शामिल है. इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा.

इधर, राज्य के पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने महुआ मोइत्रा के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि केवल पंचायत विभाग ही नहीं, वरन कई विभाग लॉकडाउन के कारण कार्य नहीं कर पाये हैं. यह पूछे जाने पर क्या वह इस बारे में उनसे बात करेंगे. श्री मुखर्जी ने कहा कि वह उनसे क्यों बात करेंगे, क्योंकि महुआ मोइत्रा का बयान सही नहीं है.

Posted By : Samir ranjan.

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