केएमसी ने की 16 करोड़ की अतिरिक्त संपत्ति कर वसूली
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 19 Jan 2025 12:37 AM
केएमसी की गार्डेनरीच इकाई ने पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अब तक संपत्ति कर संग्रह में 35 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी है.
इस साल वसूले गये 1035 करोड़ कोलकाता. कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के संपत्ति कर विभाग ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 13 जनवरी तक अच्छी वसूली की है. इस साल पिछले वर्ष की तुलना में 13 जनवरी तक 16 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली की गयी है. पिछले साल इसी अवधि तक करीब 1019 करोड़ रुपये की संपत्ति कर की वसूली की गयी थी. वहीं, इस साल 13 जनवरी तक 1035 करोड़ की वसूली की गयी. केएमसी की गार्डेनरीच इकाई ने पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अब तक संपत्ति कर संग्रह में 35 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी है. कर संग्रह में यह भारी वृद्धि गत वर्ष 17 मार्च को गार्डेनरीच में अजहर मुल्ला बागान में एक निर्माणाधीन इमारत के ढहने की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण है, जिसमें एक दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गयी थी. निगम के सूत्रों के अनुसार, गार्डेनरीच इकाई (जीआरयू) से अब तक कर संपत्ति कर के तौर पर 10.5 करोड़ रुपये की वसूली की गयी, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 7.7 करोड़ रुपये के कर संग्रह किये गये थे. बता दें कि महानगर में वार्ड संख्या 133 से 141 जीआरयू के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. जीआरयू में कर संग्रह में वृद्धि में एक प्रमुख योगदानकर्ता इस वित्तीय वर्ष में गार्डेनरीच शिपबिल्डर्स द्वारा तीन करोड़ रुपये का भुगतान रहा है. बता दें कि दक्षिण कोलकाता यूनिट, जिसमें बेहला भी शामिल हैं, चालू वित्त वर्ष में यहां कर संग्रह के मामले में 12 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि देखी गयी है. जो पिछले साल संग्रह 50.7 करोड़ रुपये था, वह अब बढ़ कर 56.63 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं, जोका क्षेत्र से कर संग्रह 32.7 करोड़ से बढ़ कर 37.58 करोड़ रुपया हो गया है. उत्तर कोलकाता में भी कर वसूली के मामले में 13 जनवरी तक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 8.62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है. हालांकि, दक्षिण कोलकाता और टॉलीगंज यूनिट में क्रमशः तीन और छह प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है. बोरो 12 में भी 4.5 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गयी है. निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा : हम लंबित संपत्ति कर की वसूली पर अधिक जोर दे रहे हैं. यह भी देख रहे हैं कि क्या कोई वाणिज्यिक इकाई अनिर्धारित रह गयी है या मूल्यांकन के बाद भी कर चोरी कर रही है, ताकि 2024-25 वित्तीय वर्ष के समापन के लिए ढाई महीने शेष रहने के साथ हमारे कर संग्रह में सुधार हो सके.
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