आरजी कर कांड : हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस का आरोप, सीबीआइ ने मिटाये कई सबूत

Author Ashish Jha
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आरजी कर अस्पताल

RG Kar Case: जस्टिस गांगुली ने साफ कहा कि वो जांच अधिकारी सीमा पाहुजा की भूमिका की जांच चाहते हैं. सीमा पाहुजा को भी इस मामले में आरोपी बनाया जाना चाहिए और उनसे हिरासत में पूछताछ होनी चाहिए.

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RG Kar Case: कोलकाता. बंगाल की सत्ता बदलते ही एक बार फिर सुर्खियों में आया आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का चर्चित हत्याकांड अब नये विवादों में घिर गया है. मामले की जांच को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए भाजपा सांसद और कलकत्ता हाइकोर्ट के पूर्व जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने सीबीआइ अधिकारियों पर सबूत मिटाने और अहम तथ्यों को दबाने के आरोप लगाये हैं. उन्होंने इस मामले की दोबोरा निष्पक्ष जांच कराये जाने की मांग की है.

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कमरे को खोलकर जांच क्यों नहीं की

आरजी कर अस्पताल पहुंचकर भाजपा सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय ने दावा किया कि अस्पताल परिसर में अब भी एक रहस्यमयी कमरा बंद पड़ा है, जिसकी दीवारों पर कथित रूप से खून के निशान मौजूद हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि इतने लंबे समय के बाद भी जांच एजेंसी ने उस कमरे को खोलकर जांच क्यों नहीं की. उन्होंने सीधे तौर पर मामले की तत्कालीन सीबीआइ जांच अधिकारी सीमा पाहुजा की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने जानबूझकर कई महत्वपूर्ण सबूतों को सामने नहीं आने दिया. भाजपा सांसद के अनुसार, अस्पताल के एक बंद कमरे से अपराध से जुड़े अहम सुराग मिल सकते थे, लेकिन उसे अब तक सील कर छोड़ दिया गया है.

फोन से वीडियो डिलीट कराने का आरोप

भाजपा सांसद ने एक और सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि घटना वाली रात अस्पताल की एक नर्स ने मोबाइल फोन से एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें कथित तौर पर एक शव को सीढ़ियों से नीचे ले जाते हुए देखा गया था. आरोप है कि सीबीआई अधिकारी सीमा पाहुजा ने नर्स से वह वीडियो अपने कब्जे में ले लिया और उसे फोन से वीडियो डिलीट करने के लिए डराया-धमकाया. अभिजीत का दावा है कि इसके बाद वह वीडियो कभी अदालत के सामने पेश नहीं किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि जिस सीढ़ी का जिक्र किया जा रहा है, वह सीधे अस्पताल के इमरजेंसी विभाग की ओर जाती है और वहीं से उस स्थान तक पहुंचा जा सकता है, जहां से मृतका का शव बरामद हुआ था. बावजूद इसके जांच एजेंसी ने उस रास्ते और संभावित सीसीटीवी फुटेज की गंभीरता से जांच नहीं की.

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निष्पक्ष जांच की मांग

अभिजीत गांगुली ने साफ कहा कि वह पूरी सीबीआइ पर सवाल नहीं उठा रहे, बल्कि विशेष रूप से जांच अधिकारी सीमा पाहुजा की भूमिका की जांच चाहते हैं. उनका कहना है कि सबूत मिटाने और सच्चाई दबाने के आरोप में सीमा पाहुजा को भी इस मामले में आरोपी बनाया जाना चाहिए और उनसे हिरासत में पूछताछ होनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की नये सिरे से निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि यह पता चल सके कि आखिर किसके दबाव में कथित तौर पर इतने महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया गया.

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