निचली अदालत को एक सप्ताह के भीतर ट्रायल शुरू करने का निर्देश

Updated at : 29 Jan 2025 2:19 AM (IST)
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निचली अदालत को एक सप्ताह के भीतर ट्रायल शुरू करने का निर्देश

कलकत्ता हाइकोर्ट ने निचली अदालत को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वित्तीय अनियमितता के मामले में एक सप्ताह के भीतर सुनवाई शुरू करने का निर्देश दिया है.

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आरजी कर में वित्तीय भ्रष्टाचार. कलकत्ता उच्च न्यायालय में हुई मामले की सुनवाईसंवाददाता, कोलकाताकलकत्ता हाइकोर्ट ने निचली अदालत को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वित्तीय अनियमितता के मामले में एक सप्ताह के भीतर सुनवाई शुरू करने का निर्देश दिया है. मंगलवार को जस्टिस तीर्थंकर घोष ने आदेश दिया कि निचली अदालत को इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी करनी चाहिए. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने मंगलवार को हाइकोर्ट को बताया कि उसे आरोपी सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा शुरू करने के लिए सोमवार को राज्य सरकार से अनुमति मिल गयी. सीबीआइ ने कहा-टेंडर दिलाने के नाम पर कमीशन लेता था डॉ संदीप घोष : सीबीआइ ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अस्पताल में तीन साल से अधिक समय तक आर्थिक अनियमितता चलती रही. इसमें मुख्य आरोपी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को बताया गया है, जिन पर अपने ‘करीबियों’ को टेंडर दिलाने का आरोप है. बताया गया है कि टेंडर दिलाने के नाम पर वह कंपनियों से कमीशन लेते थे.

इडी ने भी शुरू की जांच

गौरतलब है कि महानगर के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली ने अस्पताल में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला दर्ज कराया था. उस मामले में सीबीआइ जांच के अंतिम चरण में अब प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने इसीआइआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) दाखिल कर जांच शुरू कर दी है. इडी के वकील ने मंगलवार को हाइकोर्ट में यह जानकारी दी. अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अशोक चक्रवर्ती ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामले के साथ-साथ अस्पताल में वित्तीय अनियमितता के मामले में भी सुनवाई कर रहा है. सीबीआइ ने मंगलवार को जस्टिस तीर्थंकर घोष की पीठ को सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंपी.

सीबीआइ ने पिछले साल दाखिल किया था आरोपपत्र

िपछले साल 23 अगस्त को सीबीआइ ने हाइकोर्ट के आदेश पर आरजी कर अस्पताल में भ्रष्टाचार मामले की जांच शुरू की थी. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ जांच पर मुहर लगा दी. सीबीआइ ने 29 नवंबर 2024 को आरोपपत्र दाखिल किया था. हालांकि, जस्टिस घोष ने कहा कि इस समय वित्तीय भ्रष्टाचार मामले में अदालत के पास और कुछ करने को नहीं है. इडी के वकील ने अदालत को बताया कि इडी ने वित्तीय भ्रष्टाचार मामले के सिलसिले में 22 स्थानों पर तलाशी ली. कई लोगों से पूछताछ की गयी है. सीबीआइ को आरोपी सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा शुरू करने के लिए सोमवार को मंजूरी मिल गयी. इडी का बयान सुनने के बाद जस्टिस तीर्थंकर घोष ने निचली अदालत को अगले सप्ताह के भीतर मामले में ट्रायल शुरू करने और जल्द से जल्द सुनवाई पूरा करने का निर्देश दिया. सीबीआइ ने आरजी कर अस्पताल में वित्तीय भ्रष्टाचार के आरोप में पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया था. सीबीआइ को इस बात के सबूत मिले हैं कि संदीप घोष सीधे तौर पर इन लोगों से जुड़े थे.

आरोपपत्र में पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का नाम

29 नवंबर 2024 को सीबीआइ द्वारा दायर आरोपपत्र में आरजी कर मेडिकल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का नाम भी शामिल है. आरोपपत्र में छात्र नेता आशीष पांडे और चिकित्सा उपकरणों की सप्लाई करने वाले बिप्लब सिंह और सुमन हाजरा का भी नाम है. आरोपपत्र में संदीप घोष के पूर्व सुरक्षा गार्ड अफसर अली का भी नाम है.

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