महाकुंभ के भव्य आयोजन में रेलवे की भी रही अग्रणी भूमिका
कोलकाता/नयी दिल्ली. महाकुंभ के विराट आयोजन में ऐसे तो तमाम विभागों और एजेंसियों ने अपनी-अपनी भूमिकाओं का निर्वाह किया, लेकिन इसमें रेलवे की भूमिका अग्रणी है. इस आयोजन में रेलवे ने जिस तरह पूरे देश भर से तीर्थयात्रियों को प्रयाग की पुण्यभूमि तक पहुंचने में मदद की, वह न सिर्फ अभूतपूर्व है, बल्कि रेल संचालन की दृष्टि से कई मामलों में अनोखा रिकार्ड भी बना है. हालांकि महाकुंभ अब समापन की ओर है. लेकिन एक अनुमान के मुताबिक करीब डेढ़ माह में 12 से 15 करोड़ तीर्थयात्रियों ने ट्रेन यात्रा का लाभ उठाया.
इस बार प्रयागराज के महाकुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के संकल्प को पूरा करने में रेलवे ने आगे बढ़कर भूमिका निभायी. इसके तहत देश के विभिन्न हिस्सों से तीर्थयात्रियों की अनुमानित संख्या के हिसाब से ट्रेनों के संचालन की योजना बनायी गयी. साथ ही महाकुंभ को दौरान भीड़ बढ़ने की स्थिति में आपात योजना भी बनायी गयी. महाकुंभ की शुरुआत से लेकर अब तक 13,667 ट्रेनें तीर्थयात्रियों को लेकर प्रयागराज और उसके अन्य स्टेशनों तक पहुंचीं. इनमें 3,468 विशेष ट्रेनों की शुरुआत कुंभ एरिया से हुई, एवं 2008 ट्रेनों कुंभ एरिया बाहर से आयी. बाकी 8,211 नियमित ट्रेनें थीं. शहर में प्रयागराज समेत कुल नौ स्टेशन हैं, जहां ट्रेनों का आवागमन हुआ. अकेले प्रयागराज स्टेशन पर ही पांच हजार ट्रेनें का लाभ श्रद्धालुओं को मिला.
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