भाजपा व चुनाव आयोग में साठगांठ का करूंगी पर्दाफाश : ममता बनर्जी
Updated at : 07 Mar 2026 1:03 AM (IST)
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मुख्यमंत्री ने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद मतदाता सूची से कथित तौर पर मनमाने ढंग से लाखों मतदाताओं के नाम हटाये जाने के खिलाफ शुक्रवार से धरना शुरू किया.
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एसआइआर. लाखों वोटरों के नाम हटाये जाने के खिलाफ तृणमूल सुप्रीमो का धरना शुरू
संवाददाता, कोलकातामुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद मतदाता सूची से कथित तौर पर मनमाने ढंग से लाखों मतदाताओं के नाम हटाये जाने के खिलाफ शुक्रवार से धरना शुरू किया. वह रात भर धरना मंच पर रहीं. महानगर में एस्प्लेनेड मेट्रो स्टेशन के निकट धरना की शुरुआत करते हुए उन्होंने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा. उन्होंने राज्य के मतदाताओं को वोट देने से वंचित करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए दोनों को बेनकाब करने की बात दोहरायी. दोपहर दो बजे से धरना शुरू करते हुए ममता ने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए बंगाल के मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया और उन्हें बेनकाब करने की कसम खायी. तृणमूल सुप्रीमो ने कहा : मैं बंगाल के मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने के भाजपा-चुनाव आयोग के षड्यंत्र का पर्दाफाश करूंगी. उन्होंने दावा किया कि चुनाव को अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा और आयोग द्वारा जान-बूझकर नाम हटाये गये हैं.अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद मुख्यमंत्री ने शुरू किया धरना
मालूम हो कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा यह धरना प्रदर्शन निर्वाचन आयोग की ओर से एसआइआर के बाद बीते 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूचियों को प्रकाशित करने के कुछ ही दिनों बाद किया जा रहा है, जिसने राज्य के मतदाताओं की संख्या को काफी हद तक बदल दिया है. पिछले साल चार नवंबर को राज्य में एसआइआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद हाल में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची से 63.66 लाख नाम हटाये गये हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 8.3 प्रतिशत है. एसआइआर के कारण राज्य में मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर लगभग 7.04 करोड़ रह गयी है. इसके अतिरिक्त 60.06 लाख से अधिक मतदाताओं को न्यायिक जांच के अधीन विचाराधीन श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि आने वाले हफ्तों में कानूनी जांच के माध्यम से उनकी पात्रता निर्धारित की जायेगी. शुक्रवार को तृणमूल के कई सांसद, विधायक व मंत्रियों समेत पार्टी के बड़े नेताओं के अलावा, पार्टी समर्थित बूथ लेवल आफिसर्स (बीएलओ) के एसोसिएशन के सदस्य भी धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए.तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच बढ़ी तकरार
विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ के आठ मार्च को राज्य के दौरे पर आने से ठीक पहले ममता बनर्जी द्वारा धरना शुरू करने के कदम से तृणमूल और आयोग के बीच टकराव और बढ़ गया है. ममता बनर्जी का यह धरना कब तक चलेगा यह अभी स्पष्ट नहीं है. सुश्री बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि अंतिम मतदाता सूची में कई जीवित मतदाताओं को मृत घोषित कर दिया गया है. उन्होंने इनमें से कई मतदाताओं को धरना मंच पर प्रस्तुत भी किया और कहा कि चुनाव आयोग को शर्म आनी चाहिए कि उसने एसआइआर में उन मतदाताओं को मरा हुआ चिह्नित कर दिया, जो जिंदा हैं और यहां मेरे साथ मौजूद हैं. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के एजेंट के तौर पर काम कर रहा है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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