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आरजी कर के 51 डॉक्टरों के निलंबन के फैसले पर हाइकोर्ट ने लगायी रोक

Updated at : 23 Oct 2024 1:06 AM (IST)
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आरजी कर के 51 डॉक्टरों के निलंबन के फैसले पर हाइकोर्ट ने लगायी रोक

आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के निलंबित 51 चिकित्सकों को कलकत्ता हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाइकोर्ट में न्यायाधीश कौशिक चंद की अवकाशकालीन बेंच ने कॉलेज काउंसिल द्वारा 51 चिकित्सकाें के निलंबन के फैसले पर रोक लगा दी है.

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कोर्ट ने कहा : निलंबन के बारे में राज्य सरकार लेगी अंतिम फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी जतायी थी आपत्ति

संवाददाता, कोलकाताआरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के निलंबित 51 चिकित्सकों को कलकत्ता हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाइकोर्ट में न्यायाधीश कौशिक चंद की अवकाशकालीन बेंच ने कॉलेज काउंसिल द्वारा 51 चिकित्सकाें के निलंबन के फैसले पर रोक लगा दी है. सीएम ममता बनर्जी ने भी इस फैसले पर आपत्ति जतायी थी. मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने कहा कि काउंसिल इस प्रकार से चिकित्सकों को निलंबित नहीं कर सकती है. इस संबंध में राज्य सरकार की अनुमति के बिना कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता. पिछले दिनों कॉलेज काउंसिल ने आरजी कर अस्पताल के 51 चिकित्सकों को निलंबित कर दिया था. इसे लेकर पांच अक्तूबर को नोटिस जारी की गयी. इस फैसले के खिलाफ आरजी कर अस्पताल के आठ चिकित्सकों ने कलकत्ता हाइकोर्ट का रुख किया था. मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश कौशिक चंद ने पांच अक्तूबर को जारी नोटिस पर स्थगनादेश लगा दिया. आदेश की कॉपी में निलंबन का कारण भी स्पष्ट नहींमंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान निलंबित चिकित्सकों की ओर से मामले की पैरवी करते हुए अधिवक्ता अर्कप्रभ सेन ने बताया कि बिना किसी कारण के ही उन्हें निलंबित किया गया है. आदेश की कॉपी में निलंबन का कारण भी स्पष्ट नहीं है. उनके मुवक्किलों के खिलाफ क्या आरोप हैं, इसकी जानकारी भी नहीं दी गयी. वहीं, आरजी कर अस्पताल की ओर से अधिवक्ता सुमन सेनगुप्ता ने कहा कि रिड्रेसल सेल के प्रमुख मुख्य सचिव हैं. कॉलेज प्रबंधन अपनी सिफारिशों को सिर्फ उक्त कमेटी तक भेज सकता है. इसके बाद इस पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार ही लेगी. अस्पताल प्रबंधन ने किसी को निलंबित नहीं किया. वहीं, डॉ अनिकेत महतो के अधिवक्ता कल्लोल बसु ने कहा कि कम से कम 500 रेसिडेंट डॉक्टरों ने इन 51 चिकित्सकों के खिलाफ थ्रेट कल्चर का आरोप लगाया है, इसलिए जिन रेसिडेंट डॉक्टरों ने इन पर आरोप लगाये हैं, उनकी बातों को सुने बिना मामले की सुनवाई नहीं हो सकती. इस पर न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में पक्षकार बनने के लिए रेसिडेंट डॉक्टरों का संगठन आवेदन कर सकता है. लेकिन निलंबन का निर्णय राज्य सरकार की सहमति के बगैर नहीं लिया जा सकता, इसलिए चिकित्सकों के निलंबन के फैसले पर रोक लगायी जाती है. निलंबन के खिलाफ भले ही आठ चिकित्सकों ने मामला किया था, लेकिन यह आदेश सभी 51 चिकित्सकों के लिए मान्य होगा. अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी.

आरजी कर कांड की पीड़िता के पिता ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, मांगी मदद

कोलकाता. आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में करीब दो महीने पहले दुष्कर्म और हत्या की शिकार जूनियर महिला डॉक्टर के पिता ने मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मुलाकात का समय देने का अनुरोध किया. पिता ने कहा कि वह इस समय घोर मानसिक तनाव का सामना और असहाय महसूस कर रहे हैं. उन्होंने केंद्रीय मंत्री को भेजे ईमेल में कहा कि वह शाह से मार्गदर्शन और मदद चाहते हैं. पिता ने केंद्रीय गृहमंत्री से कुछ मिनट उनके लिए निकालने के लिए भी अनुरोध किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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