हाइकोर्ट ने श्रम विभाग की अधिसूचना पर लगायी रोक

Updated:
विज्ञापन
हाइकोर्ट ने श्रम विभाग की अधिसूचना पर लगायी रोक

विभाग ने रिटायर्ड कर्मचारियों को ट्रेड यूनियन में पदाधिकारी रहने के लिए अयोग्य करार दिया था

विज्ञापन

विभाग ने रिटायर्ड कर्मचारियों को ट्रेड यूनियन में पदाधिकारी रहने के लिए अयोग्य करार दिया था कोलकाता. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राज्य के श्रम विभाग द्वारा जारी उस अधिसूचना पर रोक लगा दी है, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ट्रेड यूनियन में पदाधिकारी रहने के लिए अयोग्य घोषित किया गया था. हाइकोर्ट की न्यायमूर्ति शंपा दत्ता (पॉल) ने यह आदेश पारित किया. अदालत ने माना कि अधिसूचना एक वैध लोकतांत्रिक चुनाव के परिणाम को खत्म कर रही है और संघ के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही है. इससे संघ का कामकाज प्रभावित हो रहा है. इसके अलावा, अधिसूचना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(सी) और 19(1)(ए) के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है, जिससे यह असंवैधानिक हो जाती है. फेडरल चटकल मजदूर यूनियन ने ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रार, पश्चिम बंगाल सरकार (श्रम विभाग) द्वारा जारी अधिसूचना को चुनौती दी थी. इस अधिसूचना में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ट्रेड यूनियन के पदाधिकारी के रूप में सेवा करने के लिए अयोग्य घोषित किया गया था. न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि ट्रेड यूनियनों अधिनियम, 1926 की धारा 22(2) स्पष्ट रूप से सेवानिवृत्त या बर्खास्त श्रमिकों के ट्रेड यूनियन के पदाधिकारी के रूप में सेवा करने के अधिकार को मान्यता देती है, इसलिए श्रम विभाग की अधिसूचना पर रोक लगायी जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Sandip Tiwari

लेखक के बारे में

By Sandip Tiwari

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola