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प्रवासी श्रमिकों का उत्पीड़न पूरे भारत का मुद्दा : अमर्त्य सेन

Updated at : 01 Aug 2025 2:01 AM (IST)
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प्रवासी श्रमिकों का उत्पीड़न पूरे भारत का मुद्दा : अमर्त्य सेन

सभी लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा : भारत के नागरिकों को खुश रहने का अधिकार है.

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शांतिनिकेतन. नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने प्रवासी श्रमिकों के उत्पीड़न को लेकर अपनी बात रखी. गुरुवार को शांतिनिकेतन स्थित अपने आवास ‘प्रतीची’ लौटने के बाद उन्होंने कहा : यदि बंगालियों को प्रताड़ित या उपेक्षित किया जाता है, तो हमें आपत्ति होगी. लेकिन यह सिर्फ बंगालियों का मामला नहीं है, बल्कि पूरे भारत का मामला है. सेन ने स्पष्ट किया कि उन्हें सिर्फ बंगालियों के उत्पीड़न से नहीं, बल्कि भारत के किसी भी क्षेत्र के लोगों को अन्य जगहों पर परेशान किये जाने से आपत्ति है, चाहे वे बंगाली हों, पंजाबी हों या मारवाड़ी. उनके अनुसार, सभी लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा : भारत के नागरिकों को खुश रहने का अधिकार है. हमें उनका सम्मान करना होगा. अगर कोई भारतीय ओडिशा से राजस्थान जाता है और उसकी उपेक्षा होती है, तो भी हमें आपत्ति होगी.

उन्होंने भारतीय संविधान का हवाला देते हुए कहा कि संविधान के अनुसार, एक भारतीय नागरिक का पूरे देश पर अधिकार है और इसमें क्षेत्रीय अधिकारों का कोई जिक्र नहीं है.

बांग्ला भाषा के महत्व पर बोलते हुए सेन ने कहा कि बांग्ला भाषा बेहद महत्वपूर्ण है, जिसका जन्म चर्यापद के साथ हुआ. उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर और काजी नजरुल इस्लाम के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि इस भाषा के मूल्य को स्वीकार किया जाना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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