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मेहंदी का रंग फीका भी नहीं पड़ा था कि टूट पड़ा गमों का पहाड़

Updated at : 14 May 2025 2:20 AM (IST)
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मेहंदी का रंग फीका भी नहीं पड़ा था कि टूट पड़ा गमों का पहाड़

भाजपा नेता दिलीप घोष और रिंकू मजूमदार ने एक दूसरे की जरूरतों को देखते हुए हाल ही में विवाह के बंधन में बंधे थे.

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दिलीप घोष की पत्नी रिंकू ने कहा : न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर से पीड़ित था सृंजय

संवाददाता, कोलकाता.

भाजपा नेता दिलीप घोष और रिंकू मजूमदार ने एक दूसरे की जरूरतों को देखते हुए हाल ही में विवाह के बंधन में बंधे थे. शादी के मौके रिंकू मजूमदार ने हाथों में मेहंदी रचायी थी. अभी मेहंदी का रंग फीका भी नहीं पड़ा था कि मंगलवार की सुबह बुरी खबर आ गयी. आनन-फानन में वह अपने बेटे सृंजय के आवास पर पहुंचीं. वहां के हालात देख वह स्तब्ध रह गयीं. मानो गमों का पहाड़ टूट पड़ा हो. बेटा बेहोश पड़ा था. अस्पताल ले जाने पर डाॅक्टरों ने उसे मृत बताया. वहां रिंकू फूट-फूट कर रोयीं. बाद में रिंकू मजूमदार ने संवाददाताओं को बताया कि उनका बेटा सृंजय किसी न्यूरोलॉजिकल बीमारी से पीड़ित था और पिछले डेढ़ साल से उसका इलाज चल रहा था. उन्होंने यह भी कहा कि विवाह के बाद फ्लैट छोड़कर श्री घोष के साथ उनके घर पर रहने के कारण उनका बेटा गंभीर तनाव में हो सकता है.

रिंकू मजूमदार ने कहा, मुझे पता चला कि वह न तो ठीक से खाना खा रहा था और न ही दवाइयां ले रहा था. उसने मुझे कभी नहीं बताया, लेकिन एक मां होने के नाते मैं महसूस कर सकती थी कि वह उदास था. उन्होंने सृंजय द्वारा आयोजित ””””मदर्स डे”””” समारोह और उस अवसर पर उन्हें दिये गये उपहारों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बेटे ने उन्हें कभी नहीं बताया कि वह शादी के बाद परेशान था. उसके दोस्तों ने रिंकू से कहा था कि वह उसे साथ ले जायें और वह भी ऐसा करने ही वाली थीं.

घोष ने सृंजय के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि वह समझ नहीं पा रहे कि इस क्षति से कैसे निपटें. घोष ने कहा, ‘यह मेरी बदकिस्मती है. मैं बदकिस्मत हूं. मुझे कभी बेटा होने का सुख नहीं मिला, लेकिन मैं बेटे के निधन पर शोक मना रहा हूं. सृंजय मेरे बहुत करीब था. हम मैच देखने जाते थे. हम एक-दूसरे को बहुत पसंद करते थे.’ पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हालीशहर में रहने वाले सृंजय के पिता भी आरजी कर अस्पताल पहुंचे थे. रोते हुए पिता ने कहा, ‘उसने मुझसे एक सप्ताह पहले बात की थी और कहा था कि वह घर आ रहा है… मुझे नहीं पता कि क्या कहूं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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