आरजी कर मामला : पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली ने अदालत में किया सरेंडर
Updated at : 11 Feb 2026 2:04 AM (IST)
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली ने मंगलवार को यहां अलीपुर की विशेष सीबीआइ अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया.
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सात दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गये
बीमारी का हवाला देकर व्हील चेयर पर कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे थे अख्तर अली
अली के वकील ने कागजात पेश कर कहा- उनका मुवक्किल बीमार है, जल्द जमानत दी जाये
सीबीआइ की विशेष अदालत ने जमानत याचिका की खारिज
संवाददाता, कोलकाताआरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली ने मंगलवार को यहां अलीपुर की विशेष सीबीआइ अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. वह व्हील चेयर पर कोर्ट में पेश हुए. इस दौरान उनकी तरफ से वकील ने कागजात पेश कर अख्तर अली को बीमार बताकर जमानत याचिका दायर की. लेकिन कोर्ट ने उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया. अदालत ने उन्हें 17 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
इधर, आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के वकील संजय दासगुप्ता ने कोर्ट में दावा किया कि अख्तर अली कुछ क्रियाकलाप के जरिये इस मामले को बेवजह लंबा खींच रहे हैं. सीबीआइ ने भी मंगलवार को कोर्ट में अख्तर अली की जमानत याचिका का विरोध किया. बताया जा रहा है कि आरजी कर अस्पताल में भ्रष्टाचार के मामले में हॉस्पिटल के पूर्व डिप्टी सुपरिंटेंडेंट अख्तर अली का नाम शामिल था. अदालत में हाजिरी न देने के कारण कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था. खुद को बीमार बताकर अख्तर अली कोर्ट में सरेंडर नहीं कर रहे थे. अख्तर अली शनिवार को स्पेशल सीबीआइ कोर्ट में पेश हुए, हालांकि, छुट्टी होने के कारण जज मौजूद नहीं थे, लिहाजा उन्हें अदालत से लौटना पड़ा था. इसके बाद मंगलवार को अख्तर अली ने अलीपुर में स्पेशल सीबीआइ कोर्ट में सरेंडर कर दिया. कोर्ट को उनकी तरफ से अपनी बीमारी के बारे में भी बताया गया.क्या है मामला
गौरतलब है कि अख्तर अली पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं. जांच के बाद में स्वास्थ्य विभाग ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2020 से दो साल में अख्तर अली के बैंक अकाउंट में दो लाख 39 हजार रुपये एवं उनकी पत्नी के अकाउंट में 50 हजार रुपये आये. अख्तर अली को फ्लाइट टिकट के लिए 1.49 लाख रुपये मिले थे. अख्तर इन पैसों के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. जिसके बाद उसका नाम भी भ्रष्टाचार के मामले से जोड़ा गया.प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
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