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सुजीत बोस और उनके परिजनों की संपत्तियाें की भी जांच संभव

Updated at : 11 Oct 2025 10:34 PM (IST)
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सुजीत बोस और उनके परिजनों की संपत्तियाें की भी जांच संभव

राज्य में नगर निकायों में नियुक्ति घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के दायरे में राज्य के दमकल विभाग के मंत्री सुजीत बोस व उनके परिजनों की संपत्तियां भी हैं. बताया जा रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी उनके वित्तीय लेनदेन समेत अन्य तथ्यों को खंगाल रही है.

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कोलकाता.

राज्य में नगर निकायों में नियुक्ति घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के दायरे में राज्य के दमकल विभाग के मंत्री सुजीत बोस व उनके परिजनों की संपत्तियां भी हैं. बताया जा रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी उनके वित्तीय लेनदेन समेत अन्य तथ्यों को खंगाल रही है. गत शुक्रवार को राज्य के मंत्री बोस के आवास व दफ्तर समेत कोलकाता में सात जगहों पर तलाशी अभियान चलाया गया था. करीब 22 घंटों तक चलाये गये अभियान के बाद ईडी के अधिकारी शुक्रवार देर रात मंत्री के ठिकानों से निकले.

सूत्रों के अनुसार, अभियान के दौरान ईडी ने कुछ दस्तावेज भी जब्त किये हैं. हालांकि. जांच के बाबत आधिकारिक तौर पर केंद्रीय एजेंसी ने कुछ भी नहीं कहा है. ईडी ने मंत्री के ठिकानों के अलावा उनके बेहद करीबी माने जाने वाले दक्षिण दमदम नगरपालिका के उपाध्यक्ष निताई दत्ता के घर व गोदाम में भी छापेमारी की थी. जांच एजेंसी ने मंत्री के कार्यालय समेत उनके बेटे के स्वामित्व वाले रेस्तरां में भी छापेमारी की थी. रेस्तरां से आय-व्यय से संबंधित रिकॉर्ड, कैश लेनदेन और वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच की गयी.

मंत्री व कुछ अन्य को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है ईडी

सूत्रों के अनुसार, ईडी मंत्री बोस, उनके बेटे व अन्य कुछ लोगों को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है. इससे पहले, पिछले वर्ष 12 जनवरी को ईडी ने बोस के घर पर छापा मारा था और उस दौरान उनका मोबाइल फोन जब्त किया गया था. बताया जा रहा है कि ईडी की जांच के दायरे में दक्षिण दमदम नगरपालिका में 300 से ज्यादा नियुक्तियां भी हैं. उन नियुक्तियों को लेकर ईडी के अधिकारी तथ्य खंगाल रहे हैं. आरोप लग रहे हैं कि वर्ष 2020 में उक्त नगरपालिका में एक ही दिन बिना किसी इंटरव्यू के 29 लोगों को नियुक्त किया गया था. वर्ष 2014 से अब तक दक्षिण दमदम नगरपालिका में कुल 329 नियुक्तियां हुई हैं, जिसमें मार्च 2020 में ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के पदों पर 303 नियुक्तियां शामिल हैं. केंद्रीय एजेंसी को आशंका है कि ये सभी नियुक्तियां पैसे के लेनदेन के माध्यम से हुई थीं और भ्रष्टाचार की राशि कहां गयी, इसका पता लगाने के लिए जांच जारी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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