फर्जी प्रमाणपत्र देने पर तीन की परीक्षा रद्द

आयोग ने अपनी वेबसाइट पर सूचित किया कि इन तीनों उम्मीदवारों ने अनुसूचित जनजाति या एसटी कोटे से आवेदन किया था.
कोलकाता. आवेदन के दौरान अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र जमा किये गये थे, लेकिन जांच करने पर पता चला कि ये सभी फर्जी हैं. यह घटना किसी परीक्षा की नहीं, बल्कि विविध सेवा भर्ती (अंतिम) परीक्षा की है. जानकार सूत्रों के अनुसार, एसएसी, एसटी होने का फायदा उठाकर नौकरी के अवसर बढ़ाने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र बनवाये गये थे, लेकिन आखिरकार पकड़ लिये गये, इसके साथ ही तीन उम्मीदवारों की परीक्षा रद्द कर दी गयी. लोक सेवा आयोग ने हाल ही में तीन उम्मीदवारों की परीक्षा रद्द करने की घोषणा की है. तीनों ने दोबारा परीक्षा पास कर ली. आयोग ने अपनी वेबसाइट पर सूचित किया कि इन तीनों उम्मीदवारों ने अनुसूचित जनजाति या एसटी कोटे से आवेदन किया था. तीनों उम्मीदवारों द्वारा दिये गये प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान पीएससी ने पाया कि इनमें से कोई भी एसटी वर्ग में नहीं आता है. पीएससी ने तीनों के नाम भी जारी कर दिये हैं. पीएससी ने कहा कि संतू पान, देवब्रत पाल और राहुल महतो (रोल नंबर 1711667) ने परीक्षा पास कर ली है, लेकिन उनमें से कोई भी अनुसूचित जनजाति का नहीं है. जानकारी सामने आते ही पीएससी ने तुरंत कार्रवाई की.
परीक्षा रद्द करने की लिखित घोषणा तुरंत कर दी गयी. सवाल उठता है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान ही फर्जी प्रमाणपत्र देनेवालों को क्यों नहीं पकड़ा गया. इस प्रक्रिया में लापरवाही कैसे हुई.
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