ePaper

अस्पतालों में इलाज के लिए आने वालों की सुरक्षा करें सुनिश्चित : मुख्यमंत्री

Updated at : 26 Oct 2025 12:27 AM (IST)
विज्ञापन
अस्पतालों में इलाज के लिए आने वालों की सुरक्षा करें सुनिश्चित : मुख्यमंत्री

सीएम ने अधिकारियों को दिये निर्देश, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी बढ़ाने पर जोर

विज्ञापन

सीएम ने अधिकारियों को दिये निर्देश, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी बढ़ाने पर जोर कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कोलकाता और उलबेड़िया के सरकारी अस्पतालों में एक नाबालिग और एक चिकित्सक के साथ कथित छेड़छाड़ की घटनाओं के बाद राज्यभर के सभी चिकित्सा प्रतिष्ठानों में मरीजों, आगंतुकों और डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें. इस संबंध में एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि सुश्री बनर्जी ने फोन पर एक उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए अधिकारियों को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हरसंभव उपाय करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा: मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इलाज के लिए आने वाले किसी भी व्यक्ति का उत्पीड़न किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने प्रशासन को ऐसे अपराधों के प्रति ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ का दृष्टिकोण अपनाने का भी निर्देश दिया. मुख्यमंत्री के पास स्वास्थ्य विभाग का प्रभार भी है. गौरतलब है कि हावड़ा जिले के उलबेड़िया स्थित सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ मारपीट की घटना के बाद महानगर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएसकेएम में किशोरी के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. इन घटनाओं ने राज्य के सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा-व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है. शनिवार को राज्य के मुख्य सचिव ने सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की. इस बैठक में मुख्यमंत्री भी मुख्य सचिव के फोन के माध्यम से शामिल हुईं और बैठक में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा कि अस्पताल लोगों के विश्वास का केंद्र होते हैं और साथ ही सरकार की छवि को भी प्रदर्शित करते हैं. इसलिए, थोड़ी सी भी ढिलाई बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है. इसलिए सरकारी अस्पतालों में अराजकता या प्रशासनिक उदासीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी. मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ऐसी ही घटनाओं की पुनरावृत्ति किसी भी तरह से सामान्य नहीं लग रही है. उन्हें डर है कि एक वर्ग साजिश रचकर स्वास्थ्य ढांचे को विवादास्पद और अस्थिर बनाने की कोशिश कर रहा है. सीएम ने कहा कि चूंकि स्वास्थ्य विभाग सीधे उनके अधीन है, इसलिए अस्पताल के अंदर होने वाली किसी भी ‘अच्छी या बुरी’ घटना की जिम्मेदारी अंततः उन्हीं पर मढ़ी जायेगी. मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान सुरक्षाकर्मियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण, सीसीटीवी कैमरे लगाना, उनकी निगरानी, और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अन्य बुनियादी ढांचागत और प्रशासनिक कदम उठाने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि पहचान पत्र व्यवस्था में अब कोई ढिलाई नहीं बरती जायेगी. हर अस्पताल को, खासकर सभी गैर-डॉक्टर कर्मचारियों के लिए और सख्ती बरतनी होगी. निजी सुरक्षा गार्डों को भी प्रशिक्षण, पहचान पत्र और जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर ज्यादा सावधान रहने को कहा गया है. सीएम के निर्देश सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी. अस्पताल के अंदर और बाहर सीसीटीवी निगरानी बढ़ानी होगी. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे. अस्पताल परिसर में प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए पहचान पत्र प्रणाली को और सख्ती से लागू करना होगा. डॉक्टरों के अलावा सभी कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा. निजी सुरक्षा कंपनियों के मामले में, उचित प्रशिक्षण, पहचान पत्र और ड्यूटी रोस्टर सुनिश्चित करने होंगे. सभी संविदा कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन करना होगा. सुरक्षा गार्डों के लिए प्रतिदिन रोल कॉल और ब्रीफिंग सत्र आयोजित किये जायेंगे. बिना अनुमति के किसी को भी अस्पताल परिसर या विशिष्ट क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. मुख्य सचिव और डीजीपी रहे मौजूद गौरतलब है कि मुख्य सचिव मनोज पंत द्वारा बुलायी गयी उच्चस्तरीय बैठक में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार, स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम और स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी, विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद थे. बैठक के संबंध में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उपस्थित अधिकारियों से कहा गया कि वे निर्देशों को लागू करने के लिए यथाशीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत करें. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने एसएसकेएम की घटना का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने पूछा कि एक अस्पताल का अस्थायी कर्मचारी दूसरे अस्पताल में कैसे काम करने लगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANDIP TIWARI

लेखक के बारे में

By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola