बंगाल चुनाव 2026 में हिंसा-डर बर्दाश्त नहीं, DM-SP को चुनाव आयोग का कड़ा निर्देश

चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार. फाइल फोटो
Election Commission Bengal Review Meeting: निर्वाचन आयोग ने बंगाल के DM और SP के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक की. हिंसा-मुक्त और भय-मुक्त चुनाव कराने के निर्देश दिये हैं. पढ़ें, बैठक में क्या-क्या निर्देश दिये गये.
Election Commission Bengal Review Meeting: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को पूरी तरह ‘भय-मुक्त’ और ‘हिंसा-मुक्त’ माहौल में संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) एक्शन मोड में आ गया है. सोमवार को आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs), पुलिस अधीक्षकों (SPs) और पुलिस आयुक्तों (CPs) के साथ हाई-लेवल ऑनलाइन रिव्यू मीटिंग की. मीटिंग में चुनाव आयोग ने साफ कर दिया कि बंगाल के आगामी चुनावों में प्रलोभन और हिंसा की कोई जगह नहीं होगी.
सीईसी का मंत्र : हिंसा-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त चुनाव
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बंगाल चुनाव की घोषणा से पहले 9 मार्च को कोलकाता में स्पष्ट कर दिया था कि आयोग का प्राथमिक लक्ष्य प्रत्येक मतदाता को बिना किसी डर के मतदान केंद्र तक पहुंचाना है. इसी कड़ी में हुई इस बैठक में जिला प्रशासन और कानून-व्यवस्था मशीनरी की तैयारियों को परखा गया. आयोग ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जायें.
इलेक्शन कमीशन ने दिये ये निर्देश
बैठक में राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर्स (NLMTs) ने राज्य के शीर्ष अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया.
- संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान : उन इलाकों की पहचान करना, जहां मतदाताओं को डराया या धमकाया जा सकता है.
- खर्च की निगरानी : चुनाव में काले धन और अवैध शराब के इस्तेमाल को रोकने के लिए कड़ी चौकसी.
- आदर्श आचार संहिता : आदर्श आचार संहिता (MCC) का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.
- EVM प्रबंधन : इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के रख-रखाव और सुरक्षा के लिए अधिकारियों को तकनीकी गुर सिखाये गये.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
25 मार्च को रिटर्निंग ऑफिसर्स (ROs) की क्लास
तैयारियों के अगले चरण में भारत निर्वाचन आयोग 25 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे से राज्य के सभी रिटर्निंग ऑफिसर्स (ROs) के लिए उनके संभागीय मुख्यालयों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा. इस ट्रेनिंग का उद्देश्य चुनाव संचालन की बारिकियों और कानूनी प्रक्रियाओं से अधिकारियों को लैस करना है.
मतदान केंद्रों पर सुविधाओं पर भी नजर
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने सभी मतदान केंद्रों पर न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं (AMF) जैसे पेयजल, बिजली और रैंप सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं, ताकि बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को कोई असुविधा न हो.
इसे भी पढ़ें
बंगाल में इलेक्शन कमीशन की चौतरफा घेराबंदी, 4000 टीमों का पहरा, 3.5 लाख केस दर्ज, 181 करोड़ की जब्ती
बंगाल चुनाव 2026: अफसरों के तबादले पर हाईकोर्ट में भिड़े चुनाव आयोग और सरकार के वकील
चुनाव से पहले 50 अफसरों के ट्रांसफर से बौखलायीं ममता बनर्जी, चुनाव आयोग पर बोला हमला
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




