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आज एसआइआर की घोषणा कर सकता है निर्वाचन आयोग

Updated at : 27 Oct 2025 1:13 AM (IST)
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आज एसआइआर की घोषणा कर सकता है निर्वाचन आयोग

निर्वाचन आयोग देशव्यापी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की घोषणा करने के लिए सोमवार शाम को संवाददाता सम्मेलन करेगा.

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एक नवंबर से फॉर्म देने घर-घर जायेंगे बीएलओसंवाददाता, कोलकाता निर्वाचन आयोग देशव्यापी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की घोषणा करने के लिए सोमवार शाम को संवाददाता सम्मेलन करेगा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. निमंत्रण पत्र में हालांकि केवल शाम सवा चार बजे संवाददाता सम्मेलन का उल्लेख है, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि यह मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के बारे में है. निर्वाचन आयोग द्वारा एसआइआर के पहले चरण की घोषणा किये जाने की संभावना है, जिसमें 10 से 15 राज्य शामिल होंगे. इनमें वे राज्य भी शामिल होंगे जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होना है. पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में अगले साल चुनाव होना है. जिन राज्यों में चुनाव होना है, उन राज्यों में इसे पहले शुरू किया जायेगा. आयोग के सूत्रों के अनुसार, सोमवार को घोषणा के बाद मंगलवार से एसआइआर का काम शुरू हो जायेगा. हालांकि, आयोग के सूत्रों ने बताया कि बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) एक नवंबर से घर-घर जाकर फॉर्म वितरित करेंगे. सबसे पहले आयोग दिल्ली से गणना फॉर्म की सॉफ्ट कॉपी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (इआरओ) के पोर्टल पर भेजेगा. उसके बाद उन्हें छपाई के लिए भेजा जायेगा. आयोग प्रत्येक मतदाता के लिए दो गणना फॉर्म छपवायेगा. बंगाल में मतदाताओं की संख्या लगभग 7.65 करोड़ है, यानी दोगुने फॉर्म छपेंगे. फॉर्म का शेष भाग भरकर उपयुक्त दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा. आयोग का कहना है कि बिहार की तरह जिन लोगों के नाम वर्तमान में मतदाता सूची में हैं, उन्हें गणना फॉर्म मिलेगा. प्रत्येक मतदाता के लिए गणना फॉर्म अलग-अलग होगा. मतदाता की 90 प्रतिशत जानकारी, जिसमें मतदाता का एपिक नंबर, नाम, पता, जन्मतिथि शामिल है, फॉर्म पर मुद्रित होगी.आयोग ने बूथ स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षित कर चुका है. मैपिंग का काम जारी है. आखिरी एसआइआर 2002 में बंगाल में हुई थी. आयोग ने कहा कि एसआइआर के बाद सभी मतदाताओं के नाम नये सिरे से दर्ज किये जायेंगे. यह सुनिश्चित किया जायेगा कि एक भी वैध मतदाता सूची से न छूटे और एक भी अवैध मतदाता सूची में नहीं हो. जिनका नाम 2002 की सूची में नहीं होगा, उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत पड़ेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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