ePaper

इडी ने कुर्क की 100 करोड़ की संपत्ति

Updated at : 14 Feb 2026 1:19 AM (IST)
विज्ञापन
इडी ने कुर्क की 100 करोड़ की संपत्ति

अवैध कोयला खनन, तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 100.44 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली है.

विज्ञापन

अवैध कोयला खनन व तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाईसंवाददाता, कोलकाता अवैध कोयला खनन, तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 100.44 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली है. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत की गयी है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस बात की जानकारी शुक्रवार को दी. मामला इस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (इसीएल) के लीजहोल्ड क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और कोयला चोरी से जुड़ा है. जांच एजेंसी के अनुसार ये अवैध गतिविधियां मुख्य आरोपी अनूप माजी उर्फ लाला के नेतृत्व वाले एक सिंडिकेट द्वारा संचालित की जा रही थीं. अवैध परिवहन चालान प्रणाली का नाम रखा गया था लाला पैड : इडी के अनुसार, सिंडिकेट अवैध खुदाई और बड़े पैमाने पर कोयला चोरी में संलिप्त था. अवैध रूप से निकाले गये कोयले की आपूर्ति राज्य की विभिन्न फैक्टरियों में की जाती थी और इसमें स्थानीय प्रशासन की सक्रिय सहायता का भी खुलासा हुआ है. अनूप माजी ने एक अवैध परिवहन चालान प्रणाली शुरू की थी, जिसे आम तौर पर लाला पैड कहा जाता था. यह फर्जी चालान गैर अस्तित्व वालीं कंपनियों के नाम पर जारी किये जाते थे. सरकारी अफसरों से बचाने का जरिया बना 10 व 20 रुपये की करेंसी : इडी ने बताया कि फर्जी परिवहन चालान के साथ ट्रांसपोर्टर को 10 या 20 रुपये का एक नोट दिया जाता था. ट्रांसपोर्टर उस नोट को ट्रक, डंपर या टिपर के नंबर प्लेट के साथ पकड़ कर उसकी तस्वीर खींचता और उसे सिंडिकेट के ऑपरेटर को भेजता था. इसके बाद वह तस्वीर वाट्सएप के माध्यम से संबंधित पुलिस अधिकारियों और मार्ग में पड़ने वाले अन्य सरकारी अधिकारियों को भेजी जाती थी, ताकि वाहन को रोका न जाये या रोके जाने की स्थिति में तुरंत छोड़ दिया जाये. अवैध आय का परिमाण 2,742 करोड़ रुपये : जांच में जब्त रजिस्टर, डिजिटल रिकॉर्ड, टैली डेटा और वाट्सएप चैट के विश्लेषण से लगभग 2,742 करोड़ रुपये की अपराध आय सृजित होने के संकेत मिले हैं. इडी के अनुसार इस धन को इधर-उधर करने और परत दर परत छिपाने के लिए हवाला नेटवर्क का सहारा लिया गया. कुल अटैचमेंट का परिमाण 322.71 करोड़ रुपये पहुंचा : इस मामले में लाभार्थी कंपनियों, विशेषकर शाकंभरी इस्पात एंड पावर लिमिटेड और गगन फेरोटेक लिमिटेड के नाम पर अचल संपत्ति, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्युचुअल फंड निवेश भी कुर्क किये गये हैं. ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में अब तक कुल कुर्क संपत्ति का मूल्य 322.71 करोड़ रुपये हो गया है. फिलहाल, इडी की जांच जारी है और मामले के अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं.

विज्ञापन
AKHILESH KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR SINGH

AKHILESH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola