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फर्जी पासपोर्ट मामला : इडी ने बिराटी से बांग्लादेशी एजेंट को किया गिरफ्तार

Updated at : 17 Apr 2025 1:13 AM (IST)
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फर्जी पासपोर्ट मामला : इडी ने बिराटी से बांग्लादेशी एजेंट को किया गिरफ्तार

फर्जी दस्तावेजों के जरिये भारतीय पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की छापेमारी मंगलवार की देर रात तक कोलकाता, उत्तर 24 परगना व नदिया के करीब आठ स्थानों पर जारी रही.

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फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह के साथ ही हवाला रैकेट में भी शामिल होने का आरोप

फर्जी भारतीय दस्तावेज व पासपोर्ट बनवाने के लिए बांग्लादेशी घुसपैठियों से वसूले गये 40 हजार से पांच लाख तक

संवाददाता, कोलकाता

फर्जी दस्तावेजों के जरिये भारतीय पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की छापेमारी मंगलवार की देर रात तक कोलकाता, उत्तर 24 परगना व नदिया के करीब आठ स्थानों पर जारी रही. देर रात को ही इडी के अधिकारियों ने गिरोह में शामिल होने व पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश में हवाला रैकेट संचालित करने के आरोप में एक बांग्लादेशी एजेंट को एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित बिराटी से गिरफ्तार किया. आरोपी का नाम आजाद मल्लिक है. वह बांग्लादेश का नागरिक है, जो यहां फर्जी दस्तावेजों की मदद से रह रहा था. उसके ठिकाने से भारतीय पासपोर्ट, लैपटॉप, दस्तावेज व डिजिटल उपकरण भी जब्त किये गये हैं. सूत्रों के अनुसार, इडी अधिकारियों ने पता लगाया है कि गिरफ्तार शख्स ने पिछले साल हवाला के जरिये भारत से बांग्लादेश में करीब 2.62 करोड़ रुपये स्थानांतरित किये थे. यह राशि फर्जी पासपोर्ट रैकेट के जरिये जुटाये जाने की आशंका है. यह बात भी सामने आयी है कि फर्जी भारतीय दस्तावेज व पासपोर्ट बनवाने के लिए गिरोह ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से 40 हजार से पांच लाख रुपये तक वसूले.

पकड़े गये आरोपी के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की अलग-अलग धाराओं के तहत मामले दर्ज किये गये. केंद्रीय जांच एजेंसी को यह भी पता चला है कि मल्लिक करीब 10 वर्षों से अवैध तरीके से भारत में रह रहा था. वह हमेशा अपना ठिकाना बदलते रहता था. इसके लिए वह किराये का मकान लेता था. बिराटी में भी वह किराये के मकान में रह रहा था, जहां से उसकी गिरफ्तारी हुई. गत मंगलवार को ही फर्जी दस्तावेजों के जरिये बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह में शामिल होने के आरोप में इडी ने नदिया के गेदे स्थित भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से आलोक नाथ नामक एक शख्स को गिरफ्तार किया था. बुधवार को यहां विचार भवन स्थित स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में दोनों आरोपियों को पेश किया गया, जहां से उन्हें 29 अप्रैल तक इडी की हिरासत में रखे जाने का निर्देश दिया गया. इडी के अधिकारी आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों के अलावा उन बांग्लादेशियों के बारे में भी पता लगाना चाहते हैं, जिन्होंने अवैध दस्तावेज व भारतीय पासपोर्ट बनवाये थे. बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ मुख्य आरोप यह है कि उन्होंने अवैध तरीके से भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए भारी रकम का भुगतान किया. आरोपी भारतीय नागरिकों के खिलाफ आरोप यह है कि उन्होंने इन अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए भारतीय पासपोर्ट समेत फर्जी पहचान दस्तावेजों की व्यवस्था करने में मददगार की भूमिका निभायी.

130 आरोपियों में 120 बांग्लादेशी

पिछले महीने ही कोलकाता पुलिस यहां एक निचली अदालत में अवैध तरीके से बनाये गये भारतीय पासपोर्ट मामले को लेकर चार्जशीट दायर कर चुकी है. करीब 130 पन्नों की चार्जशीट में नामजद 130 लोगों में से 10 भारतीय हैं और बाकी पड़ोसी देश बांग्लादेश के हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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