चुनाव से पहले सिस्टम होगी री-सेट, इलेक्शन कमीशन ने दिये अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के आदेश

Updated at : 11 Feb 2026 7:48 AM (IST)
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EC Orders Transfer Posting of Officers

अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल समेत 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में अधिकारियों के ट्रांसफर के आदेश दिये हैं. आयोग ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि इस बार किसी को लोकल एडवांटेज नहीं लेने दिया जायेगा.

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पश्चिम बंगाल समेत 4 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इलेक्शन कमीशन सिस्टम को री-सेट करने के मोड में आ गया है. फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश करने और चुनावों की तारीख का ऐलान करने से पहले आयोग ने साफ कर दिया है कि अब कंफर्ट पोस्टिंग नहीं चलेगी. ऐसे अधिकारी, जो लंबे समय से अपने गृह जिले में जमे हुए हैं, उनको अन्य जगहों पर ट्रांसफर करने के निर्देश आयोग ने दे दिये हैं.

बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में होंगे चुनाव

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के चीफ सेक्रेटरीज को लेटर लिखकर कहा है कि इलेक्शन मैनेजमेंट से जुड़े अफसरों को न तो उनके होम डिस्ट्रिक्ट में रखा जाये, न ही ऐसी जगह, जहां वे सालों से पोस्टेड हैं.

निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रशासन का न्यूट्रल रहना जरूरी

इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून में खत्म हो रहा है. संविधान के मुताबिक, उससे पहले नयी विधानसभा का गठन जरूरी है. ऐसे में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रशासनिक सेटअप न्यूट्रल रहना चाहिए.

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सिर्फ इलेक्शन ड्यूटी से जुड़े लोगों की ही ट्रांसफर-पोस्टिंग

कमीशन ने यह भी क्लियर कर दिया है कि उन लोगों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की कोई जरूरत नहीं है, जो सीधे तौर पर इलेक्शन ड्यूटी में नहीं होंगे. मसलन, सरकारी डॉक्टर, इंजीनियर, टीचर या प्रिंसिपल को इस ट्रांसफर पॉलिसी से बाहर रखा गया है.

आरोपी अफसरों को इस बार नहीं मिलेगी चुनावी ड्यूटी

चुनाव आयोग ने कहा है कि स्टेट हेडक्वार्टर में पोस्टेड अफसरों या सेक्टर ऑफिसर/जोनल मजिस्ट्रेट, जिनको चुनावों के दौरान बड़ी भूमिका निभानी होती है, उन पर यह पॉलिसी लागू नहीं होगी. कमीशन ने यह भी कहा है कि जिन अफसरों पर पहले चुनाव में लापरवाही या गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, या जिन लोगों के खिलाफ डिसिप्लीनरी एक्शन पेंडिंग हैं, उन्हें इस बार चुनाव से जुड़ा कोई काम नहीं दिया जायेगा.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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