गिरफ्तार अभियंता के खिलाफ निगम की विजिलेंस कर रही है जांच : मेयर

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गिरफ्तार अभियंता के खिलाफ निगम की विजिलेंस कर रही है जांच : मेयर

निगम प्रशासन ने पार्थ चोंगदार के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी पुलिस को पहले ही दे दी थी.

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कोलकाता. कोलकाता नगर निगम के योजना एवं विकास विभाग में कार्यरत सहायक अभियंता पार्थ चोंगदार को राज्य पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एंटी करप्शन ब्रांच) ने आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है. शुक्रवार को इस विषय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि पार्थ चोंगदार ने कोलकाता के बाहर निगम की अनुमति के बिना एक फ्लैट खरीदा था. इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद निगम प्रशासन ने उन्हें तत्काल निलंबित कर विजिलेंस जांच शुरू की थी. निगम प्रशासन ने पार्थ चोंगदार के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी पुलिस को पहले ही दे दी थी. सूत्रों ने बताया कि 2017 से 2021 के बीच पार्थ चोंगदार को लगभग 56 लाख रुपये वेतन मिला, लेकिन उनके पास छह करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति पायी गयी. इसमें कई सावधि जमा (एफडी) और न्यूटाउन स्थित एक सरकारी बैंक में 28 लाख रुपये की एफडी शामिल है. जांच में पाया गया कि उनकी घोषित आय और संपत्ति में पांच करोड़ रुपये से अधिक का अंतर है.

हर तीन साल पर निगम अधिकारियों का होता है तबादला : फिरहाद

मेयर फिरहाद हकीम ने आगे बताया कि उनके पदभार संभालने के बाद निगम में एक विशेष नीति लागू की गयी है. इसके तहत हर तीन वर्ष में अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला एक विभाग से दूसरे विभाग में कर दिया जाता है. उन्होंने कहा कि तबादले की प्रक्रिया इस तरह की जाती है कि निगम की सेवाओं पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े.

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