बंगाल पहुंचा लेटर हेड पर भाजपा की मुहर का मुद्दा, ममता बनर्जी बोली- निष्पक्ष नहीं रहा चुनाव आयोग

Updated at : 24 Mar 2026 3:07 PM (IST)
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बंगाल पहुंचा लेटर हेड पर भाजपा की मुहर का मुद्दा, ममता बनर्जी बोली- निष्पक्ष नहीं रहा चुनाव आयोग

ममता बनर्जी

Mamata Banerjee: ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि सूची आधी रात को क्यों जारी की जा रही है. दोपहर तक सूची को बूथ, ब्लॉक या जिले में कहीं भी प्रदर्शित नहीं किया गया है. ममता की इस टिप्पणी से राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया हुई है.

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Mamata Banerjee: कोलकाता: चुनाव प्रचार शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है. ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है. ममता ने कहा कि आयोग के लेटरहेड पर भाजपा का लोगो आना चिंता का विषय है. यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है. यह चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाता है. यह साफ हो चुका है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है. इसीलिए उन्होंने अपने अधिसूचना में भाजपा का वोट चिन्ह शामिल किया है.

अब पर्दा उठा चुका है

उत्तर बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने साफ तौर पर कहा- राज खुल गया है. उन्होंने आयोग और भाजपा के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा- आप लोग पर्दे के पीछे से क्यों खेल रहे हैं. आमने-सामने बात कीजिए. क्या आप इसे लिपिकीय त्रुटि बताकर काम चला लेंगे या यह जानबूझकर किया गया है. हम सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर लड़ने का आह्वान कर रहे हैं. हमें एकदलीय शासन के खिलाफ लड़ना होगा.

अब तक 220 लोगों की मौत

ममता बनर्जी ने आईपीएस और आईएएस के फेरबदल पर भी अपनी आवाज उठाई. उन्होंने आधी रात को एसआईआर की पूरक सूची के प्रकाशन पर भी विरोध जताया. ममता बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा- सूची आधी रात को क्यों जारी की जाएगी. अब तक सूची को बूथ, ब्लॉक या जिले में कहीं भी प्रदर्शित नहीं किया गया है. कल दो लोगों ने आत्महत्या कर ली. उससे पहले भी दो लोगों ने आत्महत्या की थी। इस दौरान लगभग 220 लोगों की मौत हो चुकी है.

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सूची जारी करने से डर रहा आयोग

ममता बनर्जी ने तृणमूल के एसआईआर को लेकर चल रहे अदालती मुकदमे की भी याद दिलाई. आयोग पर सवालिया लहजे में तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा- याद रखिए, जिन नामों का जिक्र हुआ है, वे मेरे मामले को मजबूत करने के लिए उठाए गए थे. अब आप उनकी सूची जारी करने से क्यों डर रहे हैं. आयोग में पारदर्शिता की कमी साफ दिखती है. अगर पारदर्शिता है भी, तो इतना समय क्यों लग रहा है. आपने क्या छोड़ दिया है. क्या आपने एकतरफा तौर पर किसी राजनीतिक दल का नाम शामिल कर लिया है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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