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एआइएमआइएम की बंगाल इकाई हुमायूं कबीर से गठबंधन के पक्ष में

Updated at : 13 Dec 2025 1:54 AM (IST)
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एआइएमआइएम की बंगाल इकाई हुमायूं कबीर से गठबंधन के पक्ष में

सोलंकी ने बताया कि उन्होंने कबीर से प्रारंभिक बातचीत कर ली है

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प्रदेश अध्यक्ष बोले-कुछ सीटों पर तालमेल को लेकर चल रही बातचीतकोलकाता. असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआइएमआइएम के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा हुमायूं कबीर को राजनीतिक रूप से असंगत बताये जाने के कुछ ही दिन बाद पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई ने शुक्रवार को आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक के साथ गठबंधन करने की इच्छा जतायी है. एआइएमआइएम के प्रदेश अध्यक्ष इमरान सोलंकी ने कहा कि कबीर के साथ बातचीत जारी है. छह दिसंबर को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद की नींव रखने के बाद वे अल्पसंख्यकों की आवाज तेजी से उठाने वाले नेता के रूप में उभरे हैं, जिसकी प्रदेश इकाई में चर्चा है. सोलंकी ने बताया कि उन्होंने कबीर से प्रारंभिक बातचीत कर ली है और दोनों पक्ष अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में कुछ सीटों पर तालमेल की संभावना तलाश रहे हैं. उनके अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर ओवैसी की मजबूत पकड़ को देखते हुए कबीर भी एआइएमआइएम के साथ गठबंधन के इच्छुक हैं. हालांकि, अंतिम निर्णय हैदराबाद के सांसद (ओवैसी) का ही होगा. सोलंकी का यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब चार दिन पहले एआइएमआइएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद असीम वकार ने कबीर के साथ किसी भी गठजोड़ की संभावना से इनकार किया था. वकार ने आठ दिसंबर को बयान जारी कर कबीर से दूरी बनाये रखी थी और उनके नजदीक आने के प्रयासों को राजनीतिक रूप से संदिग्ध और वैचारिक रूप से असंगत बताया था. उन्होंने यह भी तर्क दिया था कि कबीर को व्यापक रूप से भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और अप्रत्यक्ष रूप से पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के करीब माना जाता है. इस विरोधाभास पर सवाल किए जाने पर सोलंकी ने कहा, “हां, हम जानते हैं कि वकार ने क्या कहा था, लेकिन फिलहाल वह पार्टी की आधिकारिक लाइन नहीं है.” शुक्रवार को संपर्क करने पर वकार ने फोन का जवाब नहीं दिया. जानकारों की मानें तो पश्चिम बंगाल इकाई का यह अधिक लचीला रुख जमीनी स्तर पर बदलते चुनावी समीकरणों का संकेत है, खासकर मुर्शिदाबाद और मालदा के अल्पसंख्यक बहुल जिलों में, जहां कबीर और एआइएमआइएम दोनों को तृणमूल कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाने की संभावना दिख रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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