बंगाल में वोटिंग बढ़ाने की पहल, पोलिंग बूथ के लिए 78 रेसिडेंसियल बिल्डिंग की पहचान

बंगाल के लोग अपार्टमेंट में भी कर सकेंगे मतदान.
Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल में वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला किया है. इस फैसले के तहत पहली बार रेसिडेंसियल यानी आवासीय बिल्डिंग्स में मतदान केंद्र बनाये जायेंगे. कोलकाता में ऐसे 78 केंद्र हो सकते हैं. जिन बिल्डिंग्स में वोटिंग होगी, उसकी लिस्ट फाइनल वोटर लिस्ट से पहले जारी कर दी जायेगी.
खास बातें
Bengal Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में रेसिडेंसियल बिल्डिंग्स में भी पोलिंग बूथ बनाये जायेंगे. चुनाव आयोग ने यह जानकारी दी है. आयोग की ओर से बताया गया है कि उसने बंगाल असेंबली इलेक्शन में 78 अपार्टमेंट्स में पोलिंग बूथ बनाये जा सकते हैं. जिन आवासीय इमारतों में पोलिंग बूथ बनेंगे, उसकी सूची 25 फरवरी को जारी की जायेगी.
वोट करने कम निकलते हैं अपार्टमेंट में रहने वाले लोग
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने कहा है कि ऐसे बूथ की संख्या कुछ कम भी हो सकती है. आवासीय इमारतों में बूथ बनाने के बारे में आयोग का कहना है कि पोलिंग बूथ कहीं और होने पर आवासीय इमारतों में रहने वाले बहुत कम लोग वोट देने के लिए निकलते हैं.
अनुभव से पता चलता है कि जब मतदान केंद्र दूर होते हैं, तो कई मतदाता, विशेषकर वरिष्ठ नागरिक, मतदान करने नहीं आते हैं. बड़े आवासीय परिसरों में मतदान केंद्र स्थापित करने से मतदान अधिक सुविधाजनक हो जायेगा.
चुनाव अधिकारी
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ममता बनर्जी ने किया था प्रस्ताव का विरोध
यही वजह है कि इस बार मल्टीस्टोरी रेसिडेंसियल बिल्डिंग्स में पोलिंग बूथ बनाने का फैसला किया गया है. इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया का मानना है कि इससे बुजुर्ग से लेकर अन्य लोग भी आसानी से बूथ तक पहुंच सकेंगे. इससे वोट प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आवासीय इमारतों में बूथ बनाने पर ऐतराज जताया था.
300 से अधिक वोटर वाले कॉम्प्लेक्स में बनेंगे बूथ
- कोलकाता सहित 7 जिलों में 69 बहुमंजिली इमारतों में बूथ बनाने की घोषणा हुई थी
- आयोग ने पश्चिम बंगाल में आवासीय परिसरों की संख्या बढ़ाकर 78 कर दी है.
- 300 से अधिक पंजीकृत वोटर्स वाले रेसिडेंसियल कॉम्प्लेक्स में बनेंगे वोटिंग सेंटर्स
चुनाव आयोग के फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
बहुमंजिली आवासीय परिसरों में वोटिंग सेंटर बनाने के प्रस्ताव पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आयी है. कुछ लोगों ने इसका विरोध किया है. कहा है कि इससे उनकी निजता और शांति भंग होगी. हालांकि, कुछ लोगों ने इस पहल का समर्थन किया है. कहा कि इससे मतदान में लोगों की भागीदारी बढ़ेगी.
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By Mithilesh Jha
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