मेस्सी मामले में गिरफ्तार हो सकते हैं अरूप बिश्वास, पूर्व खेल मंत्री को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत

Author Ashish Jha
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मेस्सी मामले में गिरफ्तार हो सकते हैं अरूप बिश्वास, पूर्व खेल मंत्री को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत

अरूप विश्वास

Arup Biswas: कलकत्ता उच्च न्यायालय में अरूप बिश्वास की सुरक्षा याचिका अस्वीकार कर दी है. गिरफ्तारी के डर से अरूप ने अदालत में सुरक्षा की मांग करते हुए एक आवेदन दायर किया था. न्यायालय के न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों की सुनवाई नियमों के अनुसार नहीं बल्कि तत्काल आधार पर की जाएगी.

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Arup Biswas: कोलकाता. पूर्व खेल मंत्री अरूप बिश्वास मेस्सी मामले में और भी मुश्किल में फंस गए हैं. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन्हें सुरक्षा प्रदान नहीं की है. गिरफ्तारी के डर से अरूप ने आज अदालत में अग्रिम सुनवाई के लिए अर्जी दी थी, जिसमें सुरक्षा की मांग की गई थी. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उनकी अर्जी खारिज कर दी. अदालत के न्यायाधीश सौगता भट्टाचार्य ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसे मामलों की सुनवाई तत्काल आधार पर नहीं, बल्कि नियमों के अनुसार की जाएगी. राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर अटकलें तेज हैं. इस बीच, खबर है कि पुलिस आज पूर्व मंत्री के घर पर तलाशी अभियान चला सकती है.

गिरफ्तारी का डर

पूर्व खेल मंत्री अरूप बिश्वास ने आज गिरफ्तारी के डर से कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया. जानकारी के अनुसार, अरूप ने अपने वकील के माध्यम से गिरफ्तारी का डर व्यक्त किया और अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया. अरूप बिश्वास ने आशंका जताते हुए कहा- मेरे भाई को गिरफ्तार किया जा चुका है. मुझे भी किसी भी समय गिरफ्तारी का डर है. घटना के छह महीने बाद आपने मुझे आज क्यों तलब किया है. हाई कोर्ट से मिली निराश के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि अरूप खुद पेश होते हैं या फिर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है.

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कलकत्ता उच्च न्यायालय की क्या टिप्पणी

न्यायाधीश सौगता भट्टाचार्य ने कहा कि अगर गिरफ्तारी का खतरा हो तो आपराधिक पीठ में अर्जी दें. यहां क्यों? एक मामले की तत्काल सुनवाई की अनुमति दी जा रही है. न्यायाधीश ने टिप्पणी की- सुनवाई नियमों के अनुसार ही होगी. ऐसे मामलों को इस तरह प्राथमिकता नहीं दी जा सकती. अगर गिरफ्तारी का खतरा हो तो अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दें. अरूप को आज बिधाननगर दक्षिण पुलिस स्टेशन में पेश होना था, लेकिन समय बीत जाने के बाद भी वे उपस्थित नहीं हुए. क्या पेशी से बचने के कारण इस बार अरूप को गिरफ्तार किया जा सकता है.

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आशीष झा

लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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