ePaper

काली राख में जली हुई चमड़ी की गंध, आनंदपुर के गोदाम में कुछ नहीं बचा

26 Jan, 2026 5:22 pm
विज्ञापन
काली राख में जली हुई चमड़ी की गंध, आनंदपुर के गोदाम में कुछ नहीं बचा

Anandapur Fire: आनंदपुर के नाज़िराबाद स्थित गोदाम में मुख्य रूप से सूखा, पैकेटबंद खाद्य पदार्थ रखा जाता था. वहां कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलें भी थीं. दमकल अधिकारियों ने बताया कि इलाके में कुल दो दमकलकर्मी मौजूद थे. एक मोमो फैक्ट्री और उसके बगल में एक डेकोरेटर्स का गोदाम-भंडार.

विज्ञापन

Anandapur Fire: कोलकाता: चारों ओर काली राख. गोदामों और कारखानों की वस्तुओं के कंकाल. नाक में चुभने वाली जलने की गंध. दमकलकर्मियों और पुलिसकर्मियों की भीड़ और पुलिस द्वारा लगाई गई ‘सीमा पार न करें’ वाली टेप….हादसे के बारह घंटे बाद घटनास्थल पर अगर कुछ था तो यही था. आग सुबह 3:30 बजे लगी थी. जब यह रिपोर्ट लिखी जा रही है, तब तक सोमवार दोपहर 3:30 बजे भी धुआं पर काबू नहीं पाया जा सका था.

तीन जगहों पर लगी थी आग

अंदर तीन जगहों पर छोटी-छोटी आग लगी थी. अंदर मौजूद लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है. अब तक तीन लोगों के शव बरामद किए गए हैं और 20 लोग लापता हैं. वे जीवित हैं या राख हो गये, यह सवाल है. जले-बुझे गोदाम की तलाशी लेने के बाद भी वे कहीं नहीं मिले. अंदर फंसे लोगों के संबंध में दमकलकर्मी अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं, जिससे परिवार के सदस्य चिंता में डूबे हुए हैं.

कभी बेहोश तो कभी दहाड़ मारकर रोते रहे परिजन

घटनास्थल पर बाहर, 25 और 30 साल की दो औरतें लगभग बेहोश पड़ी हैं, अपने पतियों के बारे में सोचते हुए उनके दांत किटकिटा रहे हैं. उनका कोई सुराग नहीं है, उन्हें इस बात की अनिश्चितता सता रही है कि क्या वे कभी मिल पाएंगे. जब भी उन्हें होश आता है, वे दिल दहला देने वाले रोती हैं. दहाड़ मार कर रो रही कुछ महिलाओं को सुबह-सुबह अपने पति का फोन आया था. कुछ को नहीं आया. जब उन्होंने दूसरों से खबर सुनी तो वे अपने पति के कार्यस्थल की ओर दौड़ पड़ीं, लेकिन जब वे वहां पहुंचीं तो उनके पति का फोन बंद था.

सुबह के बाद नहीं हुआ संपर्क

महिलाएं कहती हैं कि उनकी पति से अब तक किसी भी तरह से संपर्क नहीं हो सका है. ये महिलाएं उस रेखा की दूसरी तरफ हैं, जिसपर लिखा है- ‘सीमा पार न करें’. स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने जो बताया वह चौंकाने वाला था. स्थानीय लोगों का कहना है कि रविवार रात को उस गोदाम में पिकनिक हुई थी. स्थानीय लोगों के अनुसार अंदर कम से कम 30 लोग रहे होंगे, न कि सिर्फ 20! इनमें से एक व्यक्ति सुब्रता खदरा हैं. उनके एक रिश्तेदार डेकोरेटर के गोदाम में काम करते हैं.

गोदाम के अंदर सबकुछ जलकर राख

सुब्रता खदरा ने स्थानीय मीडिया से कहा- मैं नहीं जा सका. मेरा एक रिश्तेदार देखने गया था. जब वह अंदर गया, तो उसने देखा कि सब कुछ जलकर राख हो चुका था. सिर जैसा कुछ एक कतार में पड़े थे. वैसे लोग कहते हैं कि अंदर 30 लोग थे. वे दमकलकर्मियों के आने से पहले ही बाहर निकल गए. वे यहां काम करते थे, इसलिए उन्हें रास्ता पता था. उन्होंने पीछे का रास्ता लिया. जब वह यह कह रहा था, तभी उसके बगल में एक बूढ़ा आदमी खड़ा था. उसका भाई पंकज हल्दर था. वह वहीं काम करता था. रात की ड्यूटी पर था.

अब तक नहीं चला भाई का पता

सुबह-सुबह उसके भाई ने खुद फोन करके उसकी पत्नी को बताया कि आग लग गई है. फोन मिलने के बाद वह अपने भाई और पत्नी के साथ वहां पहुंचा, लेकिन भाई का कोई पता नहीं चला. उन्होंने कहा-बाइक बाहर पड़ी है. भाई ने अपनी सास को फोन किया था. जब मैं आया और बाइक देखी, तो मुझे भाई कहीं नहीं दिखा. मैंने दमकल अधिकारी से पूछा, तो उन्होंने कहा- मैं अभी कुछ नहीं बता सकता. एक गोदाम कर्मचारी ने कहा, “पिछली बार जब मैंने उनसे बात की थी, तो उन्होंने कहा था कि वे दीवार तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। उसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ।”

Also Read: आनंदपुर अग्निकांड: 12 घंटे बाद भी उठ रहा धुंआ, लापता लोगों की संख्या बढ़कर 16 हुई

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola

अपने पसंदीदा शहर चुनें

ऐप पर पढ़ें