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अभिषेक ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने पर तोड़ी चुप्पी

Updated at : 02 Dec 2025 12:56 AM (IST)
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अभिषेक ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने पर तोड़ी चुप्पी

बनर्जी ने इस दिन महेशतला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि जो भी जिम्मेदारी पार्टी देगी, वह उसे निभायेंगे.

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कोलकाता. विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाये जाने की अटकलें तेज हो गयी हैं. भाजपा नेताओं डाॅ सुकांत मजूमदार और शुभेंदु अधिकारी के बयान के बाद यह चर्चा और बढ़ गयी. सोमवार को अभिषेक बनर्जी ने इस पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह पार्टी के निर्णय के अनुसार किसी भी सीट से चुनाव लड़ने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी जहां कहेगी, वह वहीं से लड़ेंगे. उन्होंने मजूमदार को सलाह दी कि तृणमूल के आंतरिक मामलों में दखल न दें. बनर्जी ने इस दिन महेशतला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि जो भी जिम्मेदारी पार्टी देगी, वह उसे निभायेंगे. भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने दावा किया था कि अभिषेक नंदीग्राम से उम्मीदवार बनने की तैयारी में हैं और इसी कारण जिले में अफसरों के तबादले हो रहे हैं. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि अभिषेक की महत्वाकांक्षा उन्हें नंदीग्राम लाने की कोशिश कर रही है. अभिषेक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि तृणमूल जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करेगी. उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी न होतीं, तो कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं कभी जमीन पर नहीं उतरतीं. उन्होंने दावा किया कि पिछले 14 वर्षों में तृणमूल सरकार ने विकास के मामले में जो काम किया है, वही जनता के सामने रखा जायेगा.

एसआइआर विवाद पर उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र और चुनाव आयोग जल्दीबाजी क्यों दिखा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर लोगों की मौत पर सवाल उठाना नाटक है, तो फिर जवाब देने से कौन बच रहा है. अभिषेक ने दावा किया कि उनके पास डिजिटल सबूत मौजूद हैं, जिनसे साबित होगा कि आयोग ने कई महत्वपूर्ण प्रश्नों को अनुत्तरित छोड़ दिया है. उन्होंने चुनाव आयोग को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर आयोग में हिम्मत है, तो तृणमूल प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक की पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करे. उन्होंने कहा कि यदि आयोग ऐसा करता है, तो वे इसे अदालत में ले जायेंगे और अपने पास मौजूद सबूत पेश करेंगे. अभिषेक ने आरोप लगाया कि भाजपा परोक्ष रूप से धमकी और भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि तृणमूल लोगों के बीच खड़ी है. उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने वीडियो बनाकर उत्तेजना फैलाने का काम किया है, जबकि तृणमूल ने हमेशा जनता के हितों को प्राथमिकता दी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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