अन्य जिलों में भी मिले प्लास्टिक के अंडे

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अन्य जिलों में भी मिले प्लास्टिक के अंडे

सोनारपुर में भी मिले प्लास्टिक के अंडे कोलकाता : हुगली के बाद दक्षिण 24 परगना जिला के सोनारपुर के साहेबपुर इलाके में प्लास्टिक के अंडे मिले हैं. इस मामले में सोनारपुर थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार सोनारपुर के रहनेवाले अालोक मंडल 10 अंडे खरीद कर घर लाये थे. शनिवार […]

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सोनारपुर में भी मिले प्लास्टिक के अंडे
कोलकाता : हुगली के बाद दक्षिण 24 परगना जिला के सोनारपुर के साहेबपुर इलाके में प्लास्टिक के अंडे मिले हैं. इस मामले में सोनारपुर थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार सोनारपुर के रहनेवाले अालोक मंडल 10 अंडे खरीद कर घर लाये थे.
शनिवार रात खाने में आठ अंडा बना था. आलोक की पत्नी तारा देवी शेष बचे दो अंडे का पोच बना रही थी. अंडे को तलने के दौरान प्लास्टिक जलने जैसी बू आने लगी. चेक करने के लिए तारा ने जब अंडे के खोल को जालना शुरू किया, तो वह भी प्लास्टिक की तरह जलने व सिकुड़ने लगा. इसके बाद आलोक ने इस मामले में स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करायी. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.
जलपाईगुड़ी में भी मिले प्लास्टिक के अंडे : जलपाईगुड़ी के नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ संदीप मंहती की पत्नी संपा को ऑमलेट बनाते समय एक अजीब-सी दुर्गंध आयी. ऑमलेट भी ठीक से नहीं बन रहा था. इसके बाद उन्होंने अपने पति को इसकी जानकारी दी. रविवार की सुबह ही डाॅक्टर स्थानीय एक किराना दुकान से अंडा खरीदकर लाये थे. डाॅक्टर ने बताया कि प्लास्टिक के अंडे को लेकर शहर में हलचल है. अभी अंडा नहीं खाने में ही भलाई है.
दूसरी तरफ, जलपाईगुड़ी जिलाशासक कार्यालय के कर्मचारी संजीव मित्रा के घर में भी प्लास्टिक का अंडा मिला है. उनका बेटा सायंदीप शुक्रवार को पास के ही एक दुकान से अंडा खरीदकर लाया था. ऑमलेट बनाते समय उसे भी दुर्गंध लगते ही उसे प्लास्टिक के अंडे का संदेह हुआ.
श्री मित्रा ने बताया कि अभी अंडे से तौबा कर लिया है. जानकारी मिलते ही जिला स्वास्थ विभाग और नगरपालिका के कर्मचारी नमूना संग्रह करने के लिए घर-घर पहुंच रहे हैं.
प्लास्टिक के अंडे से मालदा में खलबली
मालदा में भी प्लास्टिक अंडे मिले हैं. रविवार सुबह मालदा शहर के 21 नंबर वार्ड स्थित गयसपुर इलाके के विद्या सागरपल्ली में एक व्यवसायी के पास से प्लास्टिक के अंडे मिलने के बाद खलबली मच गयी. इस घटना की जानकारी स्थानीय तृणमूल काउंसिलर चेताली सरकार को भी दी गयी. वह भी प्लास्टिक के अंडे देखकर हैरान हैं. उन्होंने जांच के लिए नगरपालिका की एक टीम को मौके पर भेजा है. विद्या सागरपल्ली के एक व्यवसायी विप्लव साहा ने बताया है कि सुबह उनके घर में बच्चे ने अंडा खाने की बात कही. उसके बाद वह पास के एक किराना दुकान से अंडे खरीद कर लाये. उन्होंने पत्नी को अॉमलेट बनाने के लिए कहा. अंडा फोड़ते ही उसके प्लास्टिक के होने का अंदाजा लग गया.
उन्होंने बताया कि अंडे को फोड़कर तवा में डालते ही उसका रंग बदलने लगा. अजीब तरह की दु्र्गंध भी आ रही थी. विप्लव की पत्नी चैताली साहा ने कहा कि इस अंडे को देखने के बाद उनका िसर चकरा गया. उन्होंने जांच के लिए अंडे की परत को आग में डाला, तो वह प्लास्टिक की तरह गलने लगा. वह समझ ही नहीं पा रही हैं कि उनके इलाके में इस तरह के प्लास्टिक के अंडे मिल रहे हैं. चैताली साहा ने कहा कि इस अजीबो-गरीब अंडे को देखकर उन्हें हैरानी हो रही है. उसके बाद इसकी जानकारी स्थानीय पार्षद को दी गई. बच्चों को भी अंडा खाने से मना कर दिया.
अंडा कारोबार पर असर
प्लास्टिक के अंडे बेचे जाने की खबर के बाद पूरे राज्य में खलबली मची हुई है. इस बीच, उत्तर बंगाल के मालदा में भी प्लास्टिक के अंडे मिले हैं. इसका सीधा असर अंडा कारोबार पर पड़ा है. आम लोगों के बीच अंडे को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है. सिलीगुड़ी में ऐसे भी इन दिनों अंडों की बिक्री कम हो रही है.
चैत नवरात्र व चैती छठ की वजह से पिछले एक सप्ताह से काफी लोगों ने अंडा खाना छोड़ दिया है. अगले एक सप्ताह तक भी इसी तरह की स्थिति बनी रहेगी. इस बीच, चाइनीज व प्लास्टिक के अंडे मिलने की खबर से सिलीगुड़ी में अंडों की बिक्री और भी कम हो गयी है. चंपासारी के एक अंडा कारोबारी तरुण साहा ने बताया है कि कोलकाता में प्लास्टिक के अंडे पाये जाने की खबर के बाद लोग अंडे कम खरीद रहे हैं. उनके दुकान में हर दिन ही आसपास के लोग नियमित रूप से अंडे खरीदने आते थे. अब ऐसे लोगों की संख्या कम हो गयी है. अंडा के थोक कारोबार पर भी असर पड़ा है.
सिलीगुड़ी में अंडे का थोक कारोबार मुख्य रूप से चंपासारी के रेगुलेटेड मार्केट से संचालित होता है.यहां न केवल सिलीगुड़ी तथा इसके आसपास के लोग अंडे खरीदने आते हैं, बल्कि दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र तथा सिक्किम में भी सिलीगुड़ी से ही अंडों की आपूर्ति होती है. थोक कारोबारियों का कहना है कि पहाड़ तथा सिक्किम में भी अंडों की मांग में कमी आयी है.
अंडे के बारे में कोई जानकारी नहीं : दुकानदार
दूसरी ओर, राशन दुकानदार का कहना है कि उसे इस अंडे के संबंध में कोई जानकारी नहीं है. उसे अंडे के थोक कारोबारी बेचने के लिए अंडे दे जाते हैं. कभी-कभी बाजार से भी वह अंडे खरीद लाता हैं. इस तरह की घटना इससे पहले कभी नहीं हुई. उसने खुद को निर्दोष बताया है.
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