मदन मित्रा की जमानत पर आज फैसला सुना सकती है अदालत
Author Prabhat khabar digital desk
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मदन मित्रा के वकील ने कहा : वह अब मंत्री नहीं, विधायक भी नहीं तो प्रभावशाली कैसे सीबीआइ के वकील ने कहा : हाथी जिंदा हो या मृत, उसकी कीमत हमेशा लाखों में होती है विधानसभा चुनाव में हार के बाद पहली बार मदन मित्रा ने किया जमानत के लिए आवेदन कोलकाता. विधानसभा चुनाव में […]
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मदन मित्रा के वकील ने कहा : वह अब मंत्री नहीं, विधायक भी नहीं तो प्रभावशाली कैसे
सीबीआइ के वकील ने कहा : हाथी जिंदा हो या मृत, उसकी कीमत हमेशा लाखों में होती है
विधानसभा चुनाव में हार के बाद पहली बार मदन मित्रा ने किया जमानत के लिए आवेदन
कोलकाता. विधानसभा चुनाव में हार के बाद राज्य के पूर्व परिवहन व खेल मंत्री मदन मित्रा की तरफ से अलीपुर कोर्ट में जमानत का आवेदन किया गया था. दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद अदालत शुक्रवार को फैसला सुनायेगी. इससे पहले गुरुवार को मदन मित्रा के वकील ने सुनवाई में कहा कि गिरफ्तारी के बाद से अब तक 650 दिन से ज्यादा उनके मुवक्किल जेल में समय गुजार चुके हैं. अब वह मंत्री नहीं हैं, चुनाव में हारने के बाद वह अब विधायक भी नहीं हैं.
अब उन्हें कैसे प्रभावशाली कहा जा सकता है. सीबीआइ के वकील ने कहा कि सारधा घोटाले में अपना सबकुछ लुटा चुके निवेशकों के अभिशाप के कारण मदन मित्रा चुनाव हारे हैं. जिस तरह हाथी जीवित हो या मृत, उसकी कीमत हमेशा लाख रुपये से ज्यादा होती है. वैसे से ही मदन मित्रा को जमानत मिलने पर जांच प्रभावित हो सकती है. अदालत शुक्रवार को इस पर अपना फैसला सुना सकती है.
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