मदर टेरेसा ने कभी बचायी थी जान
Updated at : 25 Aug 2016 2:59 AM (IST)
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मदर टेरेसा को श्रद्धांजलि देने लंदन से आये पायलट गौतम लुईस कोलकाता : कोलकाता का पोलियो ग्रस्त बालक जिसे उसके माता-पिता ने छोड़ दिया था, अब वह लंदन से अप्रवासी भारतीय के तौर पर अपनी जड़े खोजने और दिवंगत नन को श्रद्धांजलि अर्पित करने भारत लौटा है. मदर टेरेसा को अगले महीने संत की उपाधि […]
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मदर टेरेसा को श्रद्धांजलि देने लंदन से आये पायलट गौतम लुईस
कोलकाता : कोलकाता का पोलियो ग्रस्त बालक जिसे उसके माता-पिता ने छोड़ दिया था, अब वह लंदन से अप्रवासी भारतीय के तौर पर अपनी जड़े खोजने और दिवंगत नन को श्रद्धांजलि अर्पित करने भारत लौटा है. मदर टेरेसा को अगले महीने संत की उपाधि दी जायेगी. 39 वर्षीय गौतम लुईस को आज भी बैसाखियों का सहारा लेना पड़ता है. उन्हें ब्रिटेन के परमाणु भौतिक विज्ञानी ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी से गोद लिया था. आज गौतम पेशेवर पायलट हैं.
लंदन में विकलांग पायलटों के लिए ट्रेनिंग स्कूल भी चलाते हैं. वे कोलकाता में फिल्म शो आयोजित करेंगे. फोटो प्रदर्शनी भी लगायेंगे. यहीं पर उनका जन्म हुआ था. इसी शहर में मदर ने जीवनभर काम भी किया.
हावड़ा के बाल पुनर्वास में रहे थे दो साल
गौतम लुईस कोलकाता के उपनगरीय हावड़ा में बच्चों के उस पुनर्वास केंद्र में भी गये, जहां वे दो साल तक रहे थे. तब उनकी उम्र तीन वर्ष थी. सात वर्ष की उम्र में उन्हें गोद ले लिया गया था. उनकी फोटो प्रदर्शनी का नाम होगा ‘मेमोरीज ऑफ मदर टेरेसा’. लुईस यूनेस्को की ग्लोबल पोलियो इरेडिकेशन पहल के दूत भी हैं.
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