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आरजी कर अस्पताल के 50 चिकित्सकों ने दिया इस्तीफा

Updated at : 09 Oct 2024 1:47 AM (IST)
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आरजी कर अस्पताल के 50 चिकित्सकों ने दिया इस्तीफा

आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के कम से कम 50 चिकित्सकों ने मंगलवार को अपना इस्तीफा दे दिया.

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भूख हड़ताल पर बैठे जूनियर डॉक्टरों के साथ सीनियर ने दिखायी एकजुटताएसएसकेएम और कोलकाता मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने दिया है 24 घंटे का अल्टीमेटमसंवाददाता, कोलकाताआरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के कम से कम 50 चिकित्सकों ने मंगलवार को अपना इस्तीफा दे दिया. इन चिकित्सकों ने आरजी कर अस्पताल में जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म एवं हत्या की घटना के खिलाफ पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पांच अक्तूबर से आमरण अनशन पर बैठे जूनियर डॉक्टरों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए यह कदम उठाया है. इसके बाद राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों के वरिष्ठ चिकित्सकों के एक वर्ग ने कहा कि वे भी एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए इस्तीफा दे सकते हैं.

गौरतलब है कि आरजी कर की घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट की ओर से 10 सूत्री मांगों को लेकर आठ जूनियर डॉक्टर भूख हड़ताल पर हैं. जानकारी के अनुसार, आरजी कर अस्पताल के इस्तीफा देने वाले चिकित्सकों में विभागाध्यक्ष व शिक्षक चिकित्सक भी शामिल हैं. वरिष्ठ चिकित्सकों के इस्तीफे की वजह से पूजा के दौरान राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा सकती है. मंगलवार सुबह आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्लेटिनम जुबली भवन में सीनियर डॉक्टरों ने बैठक की. इस बैठक में इस्तीफा सौंपने पर निर्णय लिया गया. जानकारी के अनुसार, जूनियर्स के आंदोलन को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों ने यह कदम उठाया है. जब सीनियर डॉक्टर्स सामूहिक इस्तीफा दे रहे थे तो जूनियर डॉक्टरों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया. गौरतलब है कि वरिष्ठ चिकित्सकों ने राज्य स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक (डीएमइ) को अपना इस्तीफा सौंप है. हालांकि, राज्य सचिवालय नबान्न के सूत्रों के अनुसार चिकित्सकों के इस्तीफे की सूचना सचिवालय को नहीं मिली है. न ही चिकित्सकों का कोई पत्र मिला है.

क्या हैं अनशन पर बैठे जूनियर डॉक्टरों की मांगें

आमरण अनशन पर बैठे चिकित्सकों की मांगों में राज्य के स्वास्थ्य सचिव को हटाना, मेडिकल कॉलेज परिसरों में सिविक वॉलंटियर के बजाय पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति, चिकित्सकों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों के रिक्त पदों को भरना, छात्र चुनाव कराना और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन को मान्यता देना, राज्य चिकित्सा परिषद की कथित अनियमितताओं की जांच और ””धमकी देने वाले गिरोह”” में शामिल लोगों को दंडित करने के लिए कॉलेज स्तर की जांच समितियों का गठन करना शामिल है. चिकित्सकों के संयुक्त मंच ने उन जूनियर चिकित्सकों के साथ एकजुटता का संकल्प लिया है, जो पीड़िता के लिए न्याय तथा ‘भ्रष्टाचार-ग्रस्त’ स्वास्थ्य प्रणाली को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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