21 श्रमिक यूनियनों ने लेबर कार्यालय का किया घेराव, 12 जनवरी को करेंगे हड़ताल

Published by : GANESH MAHTO Updated At : 24 Dec 2025 1:39 AM

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श्रम विभाग की निष्क्रियता के कारण चटकल में ग्रेड एंड स्केल लागू नहीं किये गये, जिससे श्रमिकों की वेतन में वृद्धि होती.

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कोलकाता. 21 श्रमिक यूनियनों द्वारा मंगलवार को शहर के श्रम कार्यालय का घेराव किया गया. इससे पूर्व बाबूघाट से नया सचिवालय भवन स्थित लेबर डिपार्टमेंट कार्यालय तक जुलूस निकाला गया. जूट मिल श्रमिकों के त्रिपक्षीय समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन, चटकल श्रमिकों पर हो रहे उत्पीड़न, चटकल मिलों में मालिकों द्वारा व्याप्त धमकियों, चटकल मिलों के बंद होने और अवैध रूप से निलंबित किये जाने के विरोध में श्रमिकों की द्वारा आयोजित किया गया था.

अभियान की नेतृत्व बीसीएमयू के राज्य अध्यक्ष अनादि साहू ने की. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को चटकल श्रमिकों का त्रिपक्षीय समझौता करने में 22 महीने लगे. अभी तक, चटकल श्रमिक त्रिपक्षीय समझौते की सभी शर्तों को लागू करने में विफल रहे हैं. श्रम विभाग की निष्क्रियता के कारण चटकल में ग्रेड एंड स्केल लागू नहीं किये गये, जिससे श्रमिकों की वेतन में वृद्धि होती. श्रमिक यूनियनों के नेताओं का आरोप है कि जूट मिल श्रमिकों का पे स्केल भी ठीक नहीं है. मैन पावर व मशीन अनुपात ठीक न होने के कारण जूट मिल मालिक मनमाने ढंग से उत्पादन का बोझ श्रमिकों पर डाल रहे हैं. विरोध करने पर उन पर मुकदमे चलाये जा रहे हैं, उन्हें नौकरी से निकाल दिये जा रहे हैं और बिना किसी पूर्व सूचना के गेट से बाहर कर दिये जा रहे हैं. नवंबर में जूट की कीमत बढ़ने और उत्पादन घटने का बहाना बनाकर जूट मिल श्रमिकों को महंगाई भत्ता (डीए) देने से मना कर दिया गया था, लेकिन श्रमिकों ने संघर्ष किया और डीए प्राप्त किया.

चटकल मालिक, मिल में श्रम संहिता लागू करने की कोशिश कर रहे हैं. वे उन्हें 12 घंटे काम कराने की धमकी दे रहे हैं. जूट श्रमिकों के प्रति मिल मालिकों के उदासीन रवैये के खिलाफ और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जूट श्रमिक यूनियनों ने 12 जनवरी को जूट हड़ताल का आह्वान किया है. यूनियन के नेता चटकल के त्रिपक्षीय समझौते को लागू करने की मांग पर अड़े हैं.

मंगलवार को जूट मिल मालिकों के खिलाफ निकाले गये जुलूस में बीसीएमयू के गार्गी चटर्जी, रणजीत मंडल और बीसीएमयू महासचिव मंगल बेनबंशी, एफसीएमयू के तिमीरबरन भट्टाचार्य, एआइटीयूसी के रबींद्र प्रसाद, एआइसीसीटीयू के देबज्योति मजूमदार, आइएनटीयूसी के राजेश पासवान, टीयूसी के दीपक साहा शामिल थे. इस दौरान लेबर डिपार्टमेंट में ज्ञापन भी दिया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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