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भाजपा का ‘मिशन 250 : बंगाल का दिल जीतने को ‘बांग्ला’ सीख रहे हैं अमित शाह

Updated at : 02 Jan 2020 2:48 AM (IST)
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भाजपा का ‘मिशन 250 : बंगाल का दिल जीतने को ‘बांग्ला’ सीख रहे हैं अमित शाह

बंगाल की धरती पर बांग्ला में ममता को ललकारेंगे कोलकाता : राज्य विधानसभा चुनाव होने में अभी एक साल का समय बचा है, पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दी है. दरअसल भाजपा ‘मिशन 250’ के तहत पश्चिम बंगाल में प्रचार करनेवाली है. चुनावी […]

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बंगाल की धरती पर बांग्ला में ममता को ललकारेंगे

कोलकाता : राज्य विधानसभा चुनाव होने में अभी एक साल का समय बचा है, पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दी है. दरअसल भाजपा ‘मिशन 250’ के तहत पश्चिम बंगाल में प्रचार करनेवाली है. चुनावी रणनीति बनाने में कहीं कोई चूक न रहे और इस मामले में भाषा आड़े न आये, इसके लिए भाजपा अध्यक्ष बांग्ला भाषा सीख रहे हैं.
न्यूज एजेंसी आइएएनएस के मुताबिक इसके लिए उन्होंने एक शिक्षक रखा है. कोशिश यह है कि भाजपा अध्यक्ष कम से कम इस भाषा को समझने लगें और पश्चिम बंगाल की सभाओं में अपने भाषणों की शुरुआत बांग्ला में करें, जिससे भाषण प्रभावी लगे.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ‘मां, माटी और मानुष’ का नारा बुलंद करती रहती हैं और अभी हाल के दिनों में उन्होंने बंगाली अस्मिता को खूब हवा देने की कोशिश की है. अपनी सभाओं में ममता भाजपा अध्यक्ष को बाहरी कह कर संबोधित करती हैं. अमित शाह को चुनावी रणनीति का माहिर माना जाता है और हर चुनाव के लिए शाह अलग-अलग रणनीति बनाते हैं, लेकिन पहले महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में चूकने और झारखंड में पार्टी की हार के बाद अब अमित शाह बंगाल में चुनावी कमान अपने हाथ में रखना चाहते हैं. इसके लिए जरूरी है कायकर्ताओं से संवाद और समन्वय. लिहाजा भाषा कहीं इस रणनीति में आड़े न आये, इसके लिए शाह बांग्ला सीख रहे हैं.
गुजरात में प्रवेश पर लगी रोक तो सीख ली हिंदी!
पश्चिम बंगाल में भाजपा के एक बड़े नेता के मुताबिक, इसमें कुछ भी नया नहीं है. नेता ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष बांग्ला और तमिल सहित देश के अलग-अलग प्रदेशों में बोली जानेवाली चार भाषायें सीख रहे हैं. कई लोग आश्चर्य करते हैं कि वर्षों गुजरात में बिताने के बावजूद अमित शाह कैसे अच्छी हिंदी बोल लेते हैं. इस पर सूत्रों का कहना है कि जेल में रहने के दौरान और कोर्ट द्वारा गुजरात में प्रवेश पर दो साल का प्रतिबंध लगाये जाने के दौरान अमित शाह ने हिंदी पर पकड़ बनायी थी.
अमित शाह ने शास्त्रीय संगीत की भी ली है शिक्षा
भाजपा अध्यक्ष बनने से पहले उन्होंने देश भर का दौरा किया और प्रमुख तीर्थस्थानों पर गये. इससे उन्हें देश के तमाम हिस्सों के राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक पहलुओं को समझने में मदद मिली. बताया जाता है कि अमित शाह के इसी रिसर्च का परिणाम था कि वह गुजरात से निकलकर उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में चुनावी अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा सके. बहुत कम लोगों को पता होगा कि बहुभाषी होने के साथ ही अमित शाह ने शास्त्रीय संगीत की भी शिक्षा ली है. खुद को रिलैक्स करने के लिए शाह शास्त्रीय संगीत और योग का सहारा लेते हैं.
भाजपा का ‘मिशन 250’
294 विधानसभा सीटों वाले पश्चिम बंगाल मेंभाजपा ने ‘मिशन 250’ का लक्ष्य तय किया है. लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कुल 42 सीटों में से 18 पर जीत हासिल की थी, जबकि तृणमूल को 22 सीटें मिलीं. भले ही तृणमूल ने भाजपा से चार सीटें ज्यादा हासिल कीं, लेकिन यह पहला मौका है, जब भगवा दल ने पश्चिम बंगाल में इतनी सीटें हासिल कीं.
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