हावड़ा के वार्ड 15 का हाल : नारकीय जीवन जीने को मजबूर लोग
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Dec 2019 5:56 AM (IST)
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कृष्णा मिश्रा /मधु सिंह, हावड़ा : हुगली नदी के दाहिने तट पर स्थित है हावड़ा शहर. यह राजधानी कोलकाता से सटा है. हावड़ा में ही राज्य सचिवालय भी है. फिर भी शहर की स्थिति बदहाल है. हावड़ा नगर निगम का 15 नंबर वार्ड इसका एक उदाहरण है. यहां जगह-जगह फैले कचरे, बजबजाती नालियां, कूड़े का […]
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कृष्णा मिश्रा /मधु सिंह, हावड़ा : हुगली नदी के दाहिने तट पर स्थित है हावड़ा शहर. यह राजधानी कोलकाता से सटा है. हावड़ा में ही राज्य सचिवालय भी है. फिर भी शहर की स्थिति बदहाल है. हावड़ा नगर निगम का 15 नंबर वार्ड इसका एक उदाहरण है. यहां जगह-जगह फैले कचरे, बजबजाती नालियां, कूड़े का अंबार और नलों में बहते गंदे पानी आम बात है.
इन समस्याओं के बीच ही लोग किसी तरह से जिंदगी गुजार रहे हैं. गंदगी व कचरे इस वार्ड में बीमारियों को आमंत्रण देते हैं. पिछले कुछ माह में इस वार्ड से दर्जनों लोग डेंगू की बीमारी से ग्रस्त हुए, जिनमें दो की जान भी चली गयी थी, लेकिन उसके बावजूद नर्क की स्थिति में कोई सुधार नहीं किया गया.
हावड़ा नगर निगम के 15 नंबर वार्ड की आबादी 44 हजार से अधिक है. इस वार्ड में मूल रूप से चार प्रमुख क्षेत्र आते हैं, जिनमें फकीर बागान, उड़ियापाड़ा या सनातन मिस्त्री लेन, पानी टंकी और नंदीबागान हैं. यहां नालियों में गंदगी कूड़े कचरे इस कदर जमा रहते हैं कि नालियों का पानी कई बार इलाके की छोटी-छोटी गलियों तक आ जाता है. यही नहीं सनातन मिस्त्री लेन में नलों से पानी में गंदगी आती है. गंदे पानी के सेवन से बीमारियां फैलती हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल स्थिति बदतर होती जा रही है. वार्ड की स्थिति में कभी सुधार नहीं हुआ.
इलाके के लोगों का आरोप है कि जहां-तहां फैला कूड़ा, गंदा पेयजल की आपूर्ति के साथ अवैध निर्माण व अवैध जर्दा की फैक्टरियां यहां के लोगों की समस्या बनी हुई हैं. इलाके में अवैध तरीके से ब्रांडेड कंपनियों के लेबल लगा कर पानी सप्लाई किया जाता है.
स्थानीय लोगों की राय :
1. शारदा देवी : पिछले 15 साल से वह इस इलाके में रह रही हैं. इलाके में जगह-जगह पर कूड़ा फेंका दिखेगा. निगम की ओर से यहां सफाई नहीं की जाती.
2. अब्दुल रऊफ : इलाके में गंदगी की वजह से लोग हो जाते हैं. साल दर साल यह समस्या बड़ी होती जा रही है. कई बार निगम को चिठ्ठी भी लिखी गयी. मगर कोई काम नहीं हुआ.
3. गोलू साव : इलाके में गंदगी की वजह से व्यवसायियों को काफी दिक्कत होती है. दुकान के सामने बिन बारिश के ही क्सर जलजमाव की समस्या बनी रहती है.
4. मनीष चौधरी : 15 साल से इस इलाके में कोई काम नहीं हुआ, जिसकी वजह कचरा का अंबार लग गया है, लेकिन हमलोग इस गंदगी में जीने को मजबूर हैं.
5. विनय साव : इस इलाके में पीने के पानी की सप्लाई सही से नहीं होती. इलाके में जो पानी उपलब्ध करायी जाती है उसमें से बदबू आती है. फिर भी कई लोग मजबूरी में वो पानी पीते हैं. सुधार के लिए निगम के कर्मचारियों से बातचीत भी की. मगर कोई लाभ नहीं हुआ
6. अमरेश्वर साव : इलाके के कई लोग अपनी जेब से रुपये देकर इलाके की सफाई करवाते हैं. कहीं भी कचरा फेंकने की आदत से कचरे फैले रहते हैं.
7. पिंकी दास : अगर आप ध्यान से देखें तो पूरा हावड़ा का यही हाल है. जब चुनाव सामने आता है तो नेता वोट मांगने आ जाते हैं और फिर भूल जाते हैं.
8. मोहन हेला : सरकार तो जिम्मेदार है ही. मगर लोगों की आदतें भी काफी खराब हैं. समझाने पर भी कोई हल नहीं निकलता.
9. हैदर अली : इलाके के लोगों ने कई बार निगम कर्मचारियों से साफ-सफाई के लिए अनुरोध किया, लेकिन साफ-सफाई नहीं करने नहीं आते हैं.
10. सुनीता साव : इस इलाके में अवैध रूप से जर्दा बनाने का कार्य होता है. अवैध रूप से बिल्डिंग बनाने के भी कई मामले प्रकाश में आये हैं.
पिछले पांच साल में इस इलाके का हाल और खराब हो गया है. यहां के पूर्व पार्षद ने कई वादे किये थे, लेकिन उन्होंने इस इलाके के लिए कोई काम नहीं किया. हावड़ा नगर निगम में समस्याओं को लेकर मैंने 15 से 20 बार चिठ्ठियां दी हैं, जिन पर 150 से ज्यादा स्थानीय लोगों ने हस्ताक्षर भी किये थे, लेकिन निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
-अवधेश साव, अध्यक्ष, हावड़ा मंडल 2.
मेरे कार्यकाल में इस इलाके में काफी काम हुआ. मुझे किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली थी.
-अनुप चक्रवर्ती, पूर्व पार्षद
वार्ड में अगर ऐसी समस्याएं है तो इसका जायजा लिया जायेगा. वर्तमान में उन्हें इस इलाके में साफ-सफाई को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है. अगर इस तरह की कोई शिकायत मिलती है तो आगे कदम उठाया जायेगा.
-बिजन कृष्णा, निगम आयुक्त
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