कोलकाता : पश्चिम बंगाल में डेंगू की रोकथाम के लिए भारतीय प्राणी सर्वेक्षण ने एक कार्य बल का गठन करने की योजना बनायी है. यह जानकारी संगठन के निदेशक कैलाश चंद्र ने दी. संगठन ने राज्य में एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया है, जिससे राज्य में डेंगू के मामलों की बढ़ती संख्या के पीछे के कारण का पता लगाया जा सके.
उन्होंने बताया कि परियोजना शुरुआती चरण में है. गठित कार्य बल डेंगू से निपटने के लिए योजना का मसौदा तैयार करने से पहले एक अध्ययन करेगा. उस अध्ययन के निष्कर्ष, सिफारिशें और योजना राज्य सरकार को प्रस्तुत की जायेंगी. उसके बाद राज्य सरकार इस योजना पर अमल करने के लिए कदम उठायेगी.
श्री चंद्र ने कहा कि पश्चिम बंगाल जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष एके सान्याल ने उनसे इस मच्छर जनित बीमारी पर गहन अध्ययन करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद इस कार्य बल के गठन का विचार आया. आमतौर पर पैरों पर सफेद निशान वाले आकार में छोटे एडीज एजिप्टी मच्छर डेंगू और चिकुनगुनिया फैलाते हैं.
जेडएसआइ निदेशक ने बताया कि जेडएसआइ एक अन्य कंपनी के साथ मिलकर एक लार्वा नियंत्रक उत्पाद बनाया है. यह उत्पाद यूकेलिप्टस और देवदार के पेड़ों के अर्क से बना है. यह एडीज मच्छरों के लार्वा के विकास को रोकता है और इन्हें मारता भी है. स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक जनवरी से अब तक राज्य में डेंगू से पीड़ित 25 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 40 हजार से अधिक लोग इस बीमारी से प्रभावित हुए हैं.
