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एसी में आरएसी पैसेंजर्स को ठिठुर कर काटनी पड़ती है रात

Updated at : 23 Aug 2019 2:00 AM (IST)
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एसी में आरएसी पैसेंजर्स को ठिठुर कर काटनी पड़ती है रात

एक बर्थ पर आरएसी के होते हैं दो यात्री, बेडरोल मिलता है एक अतिरिक्त रकम खर्च करने या फिर ट्रेन अटेंडर की खुशामत करने पर मिलता है बेडरोल रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार वातानुकूलित बोगियों के आरएसी यात्रियों को मिलना चाहिए बेडरोल व कंबल श्रीकांत शर्मा, कोलकाता : यात्रियों सुविधा की बेहतरी को लेकर […]

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  • एक बर्थ पर आरएसी के होते हैं दो यात्री, बेडरोल मिलता है एक
  • अतिरिक्त रकम खर्च करने या फिर ट्रेन अटेंडर की खुशामत करने पर मिलता है बेडरोल
  • रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार वातानुकूलित बोगियों के आरएसी यात्रियों को मिलना चाहिए बेडरोल व कंबल
श्रीकांत शर्मा, कोलकाता : यात्रियों सुविधा की बेहतरी को लेकर भारतीय रेलवे में समय-समय पर कई परियोजनाओं को शुरू किया जाता है. इन दिनों भारतीय रेलवे में कैटरिंग ड्रॉइव चल रहा है. ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को खान-पान सहित अन्य सुविधा के बेहतर होने का दावा किया जा रहा है. हर दिन अधिकारी ट्रेनों का औचक निरीक्षण कर साफ-सफाई के साथ कैटरिंग सुविधाओं का जायजा ले रहे हैं.
यात्री सुविधाओं को लेकर अधिकारियों के लाख दावे के बाद भी जमीनी हकीकत कुछ और ही है. यात्रियों का दावा है कि वातानुकूलित बोगियों के आरएसी (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) बर्थ के यात्रियों को बेडरोल व कंबल नहीं दिया जा रहा है. ऐसे में उन्हें ठंड में ठिठुर कर रात बितानी पड़ती है.
इस स्थिति में आरएसी टिकट वाले यात्री के सामने दो रास्ते बचते हैं या तो ट्रेन अटेंडर की खुशामद करे या फिर कुछ पैसे खर्च कर बेडरोल या कंबल ले. हालांकि रेलवे बोर्ड द्वारा जारी कॉमर्शियल सर्कुलर नंबर 50/2009 के अनुसार एसी बोगियों के आरएसी यात्रियों को भी कंफर्म टिकट वाले यात्रियों की तरह ही बेडरोल और कंबल देने का आदेश है.
रेलवे की ओर से आदेश तो जारी कर दिया गया है लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है. हावड़ा व सियालदह स्टेशन से रवाना होने वाली ट्रेनों के कैटरिंग ठेकेदार रेलवे की नियमों की परहाव किये बगैर अपना नियम चला रहे हैं.
हावड़ा स्टेशन से रवाना होने वाली डाउन विभूति एक्सप्रेस के ट्रेन अटेंडेंट एस सरकार ने बताया कि हम कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही कंबल व बेडरोल देते हैं. कैटरिंग नियम से अनजान अटेंडेंट ने बताया कि ट्रेन में जितनी सीट है उतने ही कंबल व बेडरोल की सप्लाइ होती है. ऐसे में हम आरएसी यात्रियों को कंबल व बेडरोल कहा से दें.
गौरतलब है कि 2009 के पहले एसी बोगी के आरएसी टिकट वाले यात्रियों को कंफर्म बर्थ के यात्रियों जैसा बेडरोल और कंबल नहीं मिलता था. एसी कोच में बेडरोल नहीं होने पर यात्री ठंड से परेशान हो जाते थे. रेलवे बोर्ड ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरएसी के दोनों यात्रियों को भी बेडरोल उपलब्ध कराने का आदेश दिया था. शिकायतों के बाद रेलवे बोर्ड ने सभी जोन मुख्यालयों को आदेश जारी कर नयी व्यवस्था को तत्काल लागू करने को कहा था.
क्या है एसी में आरएसी टिकट वाले यात्रियों के लिए सुविधा
एसी कोच के आरएसी में एक सीट पर दो यात्री सफर करते हैं. रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार आरएसी बर्थ पर के दोनों यात्रियों को अन्य यात्रियों की तरह साफ-सुथरा बेडरोल मिलना चाहिए. हालांकि उनके बेडरोल में एक-एक बेडशीट व कंबल होगा जबकि कंफर्म टिकट वालों के बेडरोल में दो बेडशीट, एक ब्लैंकेट, एक पिलो और एक तौलिया होता है.
इस बारे में रेलवे के पीआरओ निखिल चक्रवर्ती ने बताया कि रेलवे के नियम के अनुसार एसी बोगी में आरएससी टिकट वाले यात्रियों को भी एक बेडरोल और कंबल मिलेगा. यदि अटेंडर द्वारा नियम का पालन नहीं किया जा रहा है तो उचित कार्रवाई होगी.
बोले यात्री, जब किराया पूरा तो सुविधा भी मिले पूरी
विभूति एक्सप्रेस की बी वन में यात्रा कर रहे प्रदीप मंडल ने बताया कि इस प्रकार की समस्या से वह कई बार दो-चार हो चुके हैं. अटेंडर द्वारा आरएसी के यात्रियों को कंबल नहीं दिया जाता है. हरेंद्र सिंह ने बताया कि रेलवे द्वारा यात्री सुविधा का लाख दावा करने के बाद भी यह स्थिति वर्षों से चली आ रही है. हावड़ा स्टेशन से रवाना होने वाली प्राय: सभी ट्रेनों की यही स्थित है. अब तो मैं अभ्यस्त हो चुका हूं और आरएसी टिकट होने पर घर से ही कंबल व चादर लेकर चलता हूं.
आशुतोष झां ने कहा कि ऐसी स्थिति के बार में सुना है लेकिन कभी आरएसी टिकट पर यात्रा नहीं की इस लिए जानकारी नहीं है. अखिलेश सिंह ने बताया कि पूरा किराया लेकर पहले तो सीट नहीं उपलब्ध करायी जाती, इस पर ठंड में ठिठुरकर रात बिताने के लिए यात्री को छोड़ दिया जाता है. विभूति एक्सप्रेस के एसी कोच बी-वन में यात्रा कर रहे सुषमा झां, आदित्य राय, पारसनाथ, अखिलेश तिवारी और विध्यवासिनी प्रसाद सिंह का भी यही कहना था.
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