मिड डे मील में विद्यार्थियों को खिलाया नून-भात

Updated at : 20 Aug 2019 1:54 AM (IST)
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मिड डे मील में विद्यार्थियों को खिलाया नून-भात

भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने किया स्कूल का दौरा कोलकाता/हुगली :पश्चिम बंगाल सरकार ने छात्र-छात्राओं को स्कूल लाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. छात्राओं के लिए कन्याश्री योजना, जिसके तहत प्रत्येक वर्ष उन्हें राज्य सरकार द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है. इसी प्रकार सबूज साथी योजना के तहत साइकिल दी जा रही है. […]

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भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने किया स्कूल का दौरा

कोलकाता/हुगली :पश्चिम बंगाल सरकार ने छात्र-छात्राओं को स्कूल लाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. छात्राओं के लिए कन्याश्री योजना, जिसके तहत प्रत्येक वर्ष उन्हें राज्य सरकार द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है. इसी प्रकार सबूज साथी योजना के तहत साइकिल दी जा रही है. सिर्फ यही नहीं, सरकारी स्कूल के छात्रों को ड्रेस, बैग व जूते भी प्रदान किये गये हैं, लेकिन उन्हें पोषक भोजन देने के लिए क्या किया जा रहा है, इसका उदाहरण हुगली जिले में स्थित विद्यामंदिर बालिका विद्यालय में देखने को मिला, जहां मिड डे मील में स्कूल के छात्रों को नून भात खिलाया जा रहा है. इसकी सूचना मिलते ही हुगली की सांसद लॉकेट चटर्जी ने स्कूल का औचक दौरा किया. उस समय विद्यालय में छात्राओं को मिड में मील में नून भात खिलाया जा रहा था.
सांसद ने देखा कि छात्राओं को मिड डे मील में सिर्फ नमक और चावल परोसा गया है और स्कूल के बोर्ड पर खाने के मेनू में नमक और चावल लिखा हुआ है. यह देख कर वह भड़क उठी और इस संबंध में उन्होंने विद्यालय प्रबंधन व स्कूल की शिक्षिकाओं से जवाब मांगा, लेकिन इसका कोई जवाब नहीं मिला. सांसद ने जब वहां कुछ लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि विद्यालय में सरकार की ओर से बच्चों के लिए भेजे गये 257 बस्ता चावल का भी कोई हिसाब नहीं हैं.
सांसद ने इस मुद्दे को लेकर ममता सरकार को घेरा और कहा कि कन्याश्री को लेकर ममता बनर्जी बड़ी बड़ी बातें करती हैं और उनके राज्य में बच्चों को मिड डे मील में नमक और भात दिया जा रहा है. हालांकि स्कूल की एक शिक्षिका ने दावा किया कि पिछले दो दिनों से विद्यालय में बच्चों को नमक और भात खिलाया जा रहा है. इसके पहले बच्चों को चावल के साथ अंडे और दाल मिड डे मील में परोसे जाते थे. यह सब स्कूल के शिक्षिकाओं के आपसी कलह के कारण यह सब हुआ है.
हुगली-चुंचुड़ा नगरपालिका के चेयरमैन गौरीकांत मुखर्जी ने सांसद के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा के लोगों ने ही स्कूल में राजनीति कर सब कुछ बंद करा दिया है. मिड डे मील बंद होने के पीछे स्कूल की शिक्षिकाएं मूल रूप से जिम्मेवार है. उन्होंने चार शिक्षिकाओं का नाम लेते हुए बताया कि इनके नाम सुदीप्ता दत्ता, लावणी मल्लिक, रिंकू घोष, पूर्णा दास है. स्कूल का हेड मिस्ट्रेस का अन्य स्कूल में तबादला हो गया है, वहां पर मैनेजिंग कमिटी ने एक नया टीचर इन चार्ज नियुक्त किया, जिसे इन चार शिक्षिकाओं ने टीचर इंचार्ज मानने से इनकार कर दिया. डीएम और डीआई को पत्र लिख कर टीचर इंचार्ज का विरोध किया.
इसके फलस्वरूप मिड डे मील का सिग्नेचर अथॉरिटी नहीं होने के कारण स्कूल में सामान आना बंद हो गया. छात्राओं का भविष्य से खिलवाड़ करते हुए इन शिक्षिकाओं ने उनका रजिस्ट्रेशन नहीं होने दिया. उन्होंने कहा कि सांसद को बंगाल में देखने की जरूरत नहीं. उत्तर प्रदेश में जाकर मिड डे मील के हालत देख कर आयें फिर बंगाल में विरोध जताए. उन्होंने 257 बोरी चावल के के बारे में कहा कि कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है.
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