खागड़ागढ़ विस्फोट कांड : जेएमबी का एक और आतंकी गिरफ्तार

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल के बर्दवान के खागड़ागढ़ विस्फोट कांड मामले में कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘जमानत उल मुजाहिद्दीन (जेएमबी) के एक और सक्रिय आतंकी को गिरफ्तार किया गया है. केरल के मल्लापुरम से उसे देर रात गिरफ्तार किया गया. एसटीएफ की टीम उसे […]

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल के बर्दवान के खागड़ागढ़ विस्फोट कांड मामले में कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘जमानत उल मुजाहिद्दीन (जेएमबी) के एक और सक्रिय आतंकी को गिरफ्तार किया गया है. केरल के मल्लापुरम से उसे देर रात गिरफ्तार किया गया. एसटीएफ की टीम उसे आठ दिनों के ट्रांजिट रिमांड पर लेकर कोलकाता के लिए रवाना हो गयी है.

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सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकी का नाम अब्दुल मातीन बताया गया है. वह असम के बरपेटा जिला के चापरबोरी के कारागरिगांव निवासी है. एसटीएफ द्वारा इसके पहले गिरफ्तार किये गये आतकी के माध्यम अब्दुल के बारे में पता चला और उसी आधार पर स्थानीय पुलिस की मदद से एसटीएफ की टीम ने उसे गिरफ्तार किया. इधर हालही में गत सोमवार की रात को ही बीरभूम निवासी जेएमबी के दो आतंकी सज्जाद अली तथा कादिर काजी को एनआईए की टीम ने आरामबाग डोंगल से गिरफ्तार किया है.

कौन है गिरफ्तार आतंकी अब्दुल

एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, अब्दुल बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘जमानत उल मुजाहिद्दीन (जेएमबी) का सक्रिय सदस्य है. अब्दुल उन 15 प्रशिक्षुओं में से एक हैं, जिन्होंने बर्दवान ब्लास्ट के आरोपियों के साथ सिमुलिया मदरसा और मोकिमनगर मदरसा में प्रशिक्षण लिया था. गत 2010 से ही मालदह जिले के कलियाचक में सहरसाह मदरसा में प्रशिक्षण के समय से ही जेएमसी का सक्रिय सदस्य रहा है. आतंकी नसीरुल्लाह, मौलाना यूसुफ, सईदुल, जाहिदुल, सैकुल आदि का बहुत परिचित रहा है. विस्फोट के बाद से ही अब्दुल बंगाल से भाग गया था.

2 अक्टूबर, 2014 को खागड़ागढ़ में बुआ था विस्फोट

दो अक्टूबर, 2014 को बर्दवान के खागड़ागढ़ में एक दो मंजिले मकान में बम बनाने के दौरान जबरदस्त धमाका हुआ था, जिसमें दो आतंकी शकील गाजी और करीम शेख की मौत हो गई थी. घटनास्थल से दो नाबालिगों सहित दो महिलाओं गुलशान बीबी और अलीमा बीबी को गिरफ्तार किया गया था.

जांच में पता चला था कि दोनों महिलाएं बांग्लादेश की प्रतिबंधित आतंकी संगठन जेएमबी की सदस्य हैं. उक्त मकान में जेएमबी संगठन के आतंकी रहकर तबाही मचाने के लिए बम और हथियार बना रहे थे. इसके बाद मामले की जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंपा गया था, बाद में गृह मंत्रालय के निर्देश पर वर्ष 2014 के 10 अक्टूबर को एनआईए को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई. इस मामले में अब तक कईयों की गिरफ्तारी हुई है.

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