मुख्यमंत्री के सभास्थल के पास मिला लावारिस बॉक्स, लोगों में दहशत,पुलिस के हाथ-पांव फूले

Updated at : 19 Jan 2019 5:57 AM (IST)
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मुख्यमंत्री के सभास्थल के पास मिला लावारिस बॉक्स, लोगों में दहशत,पुलिस के हाथ-पांव फूले

सिलीगुड़ी : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 21 जनवरी को कंचनजंगा स्टेडियम में उत्तर बंग उत्सव का उद्घाटन करनेवालीं हैं. इसको लेकर जोर-शोर से तैयारी की जा रही है. शनिवार को भी कंचनजंगा स्टेडियम में सुरक्षा तैयारी को को लेकर आला पुलिस अधिकारी बैठक कर रहे थे. वहीं मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल से करीब 200 मीटर दूर […]

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सिलीगुड़ी : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 21 जनवरी को कंचनजंगा स्टेडियम में उत्तर बंग उत्सव का उद्घाटन करनेवालीं हैं. इसको लेकर जोर-शोर से तैयारी की जा रही है. शनिवार को भी कंचनजंगा स्टेडियम में सुरक्षा तैयारी को को लेकर आला पुलिस अधिकारी बैठक कर रहे थे. वहीं मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल से करीब 200 मीटर दूर एक लावारिस बॉक्स मिलने से खलबली मच गयी.
खबर मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी को होश उड़ गये. शुक्रवार को सिलीगुड़ी कोर्ट परिसर में लोगों की नजर इस लावारिस बॉक्स पर पड़ी. उसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी. पलक झपकते ही सिलीगुड़ी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची.
बॉक्स को खोला गया तो उसमें कुछ भी नहीं मिला. उसके बाद पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली. बाद में पुलस उस लावारिस बॉक्स को अपने साथ थाने ले गयी.
दूसरी ओर लावारिस बॉक्स की जांच में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा है. मिली जानकारी के अनुसार बगैर किसी सुरक्षा इंतजाम के ही होमगार्ड के जवान को बॉक्स खोलने के काम में लगा दिया गया. गनीमत यह रही है बॉक्स में कुछ भी नहीं था. बम या बारूद आदि रहने पर कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी.
वर्ष 2013 में अलीपुरद्वार में ऐसे ही बगैर सुरक्षा इंतजाम के एक लावारिस बैग को चेक करने में एक होमगार्ड जवान की मौत हो गयी थी. उस बैग में बम था जो निष्क्रिय करने के दौरान फट गया.
मिली जानकारी के अनुसार, कोर्ट में काम करने आये कुछ लोगों ने वहां थर्मोकोल के एक लावारिस बक्से को पड़ा देखा. दिन चढ़ने के साथ ही उस बक्से को लेकर लोगों के मन में जिज्ञासा शुरू हो गयी. इसके बाद सिलीगुड़ी थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी गयी. खबर मिलते ही सिलीगुड़ी थाना से पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची.
हांलाकि बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के ही पुलिस के होमगार्ड ने उस बॉक्स को खोलना आरंभ कर दिया. उस बॉक्स को देखकर ऐसा लग रहा था कि किसी ने जानबूझ कर लोगों के मन में आतंक फैलाने के लिए उसे कोर्ट परिसर में लावारिस छोड़ दिया है.
बाद में बक्से को खोलने पर पता चला कि उसमें कुछ नहीं था. हांलाकि मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पुलिस इस घटना को गंभीरता से ले रही है. क्योंकि जहां से यह लावारिस बॉक्स बरामद हुआ है,वहां से कंचनजंगा स्टेडियम की दूरी 200 मीटर भी नहीं रही होगी.
यही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उत्तर बंग उत्सव का आगाज करने वाली है. हांलाकि बगैर सुरक्षा इंतजाम के बॉक्स खोलने को लेकर अलग से एक चर्चा यहां शुरू हो गयी है.
क्योंकि साल 2013 में अलीपुरद्वार जिले में एक अनहोनी घटना हो चुकी है. उस दौरान बम निष्क्रिय करते समय सीआइडी के एक कर्मचारी लाल बहादुर लोहार की मौत हो गयी थी. इस घटना को लेकर सिलीगुड़ी के वरिष्ठ वकील अखिल विश्वास ने बताया कि कोर्ट परिसर में इस प्रकार की घटना काफी चिंताजनक है.
खबर मिलने के बाद पुलिस को बम निरोधक दस्ता को बुलाना चाहिए था. लेकिन बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के ही पुलिस के होमगार्ड ने जिस तरीके से साहस दिखाकर उस बॉक्स को खोलना आरंभ कर दिया था, इससे कोई बड़ी घटना भी घट सकती थी.
उन्होंने पुलिस प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि एक सप्ताह के अंदर राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस का पालन किया जायेगा. 21 जनवरी को मुख्यमंत्री भी उत्तर बंगाल के दौरे पर आ रही हैं.
इस प्रकार की घटना के पीछे क्या मकसद है, इसकी जांच जरूरी है. यह किसी की सोची समझी साजिश भी हो सकती है. दूसरी ओर पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है.
का आरोप
मालदा : गौड़बंग विश्वविद्यालय के हॉस्टल में पेयजल और निम्नस्तरीय भोजन को लेकर आवासी छात्र-छात्राएं आंदोलन पर हैं. अव्यवस्था के खिलाफ छात्र-छात्राएं शुक्रवार की सुबह से ही उप-कुलपति के निवास के सामने धरने पर बैठ गये.
बाद में विद्यार्थियों की समस्याएं दूर करने का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना आंदोलन वापस ले लिया. पूरे दिन विश्वविद्यालय परिसर हंगामे को लेकर सरगर्म रहा.
उल्लेखनीय है कि मालदा शहर के माधवनगर इलाके में महानंदा नदी के किनारे बांध संलग्न इलाके में इंगलिशबाजार नगरपालिका के मकान को हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. इस हॉस्टल में फिलहाल 35 छात्र-छात्राएं रह रहे हैं.
गुरुवार की रात आठ बजे के करीब आवासियों ने देखा कि हॉस्टल में पानी नहीं है. पानी वाला पंप खराब हो चुका था. यहां तक कि फिल्टर भी काम नहीं कर रहा था.
आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं का आरोप है कि इन सब समस्याओं के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचित करने पर हॉस्टल अधीक्षक बादल सरकार ने उनके साथ बदसलूकी की. आरोप है कि उन्होंने जल संकट को देखते हुए समीप के नदी से पानी लाने के लिए कहा. उसी पर छात्र-छात्राएं भड़क गये. उसी रात आवासी छात्र-छात्राएं हॉस्टल छोड़कर विश्वविद्यालय कैम्प चले गये.
वहीं पर उन्होंने धरना देना शुरू किया. उसके बाद तड़के चार बजे के करीब कुछ बाहरी लोगों ने आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं को मारपीट कर भगा दिया. इस घटना से छात्र-छात्राओं में और भी ज्यादा नाराजगी है. उसके बाद आंदोलनकारियों ने वीसी के निवास के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय के वीसी बाहरी तत्वों की मदद से उनके आंदोलन को दबाना चाहते हैं. उनका सवाल है कि आखिर इतने दिनों के बाद भी स्थायी हॉस्टल का निर्माण क्यों नहीं हो सका.
उन्होंने हॉस्टल के अलावा विद्यार्थी बीए, बी-कॉम और बीएससी के परिणाम प्रकाशित नहीं होने को लेकर आंदोलन की धमकी दी है. गौड़बंग विश्वविद्यालय के उप-कुलपति स्वागत सेन ने बताया कि छात्र-छात्राओं की मांगें न्यायसंगत हैं. उनके साथ बातचीत की गई है. उनकी समस्याओं का हल खोजा जा रहा है.
क्या है आरोप
गौड़बंग विश्वविद्यालय की स्थापना को 10 साल हो चले, लेकिन अभी तक स्थायी छात्रावास नहीं बन सका. विश्वविद्यालय से एक किलोमीटर की दूरी पर किराये पर मकान लेकर उसी में हॉस्टल चलाया जा रहा है. लेकिन हॉस्टल में पेयजल का अभाव और निम्नस्तरीय भोजन मिलने से विद्यार्थियों में नाराजगी है.
इनके अलावा भी हॉस्टल के आवासियों को कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है. बार-बार इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के वीसी को देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
हथियार के मालदा : पुलिस ने कालियाचक के एक कुख्यात बदमाश को हथियार के साथ साथ कुख्यात बदमाश गिरफ्तार
गिरफ्तार कर लिया. गुरुवार देर रात नवोदा जदुपुर ग्राम पंचायत के तालुकदारपाड़ा से उसकी गिरफ्तारी हुयी. उसके पास से एक रायफल और दो कारतूस बरामद किये गये.
गिरफ्तार आरोपी का नाम नाफिल शेख (55) है. जहां से उसकी गिरफ्तारी हुयी वह उसी इलाके का रहने वाला है. गुरुवार देर रात पुलिस ने आरोपी के घर में धावा बोला.
उसके ऊपर हत्या, डकैती अवैध हथियार रखने समेत कई मामले दर्ज हैं. काफी दिनों से वह फरार चल रहा था. पुलिस को जानकारी मिली कि कुछ दिन पहले ही वह घर लौटा है. इसके बाद उसके घर पर छापा मारा गया. तलाशी के दौरान उसके घर से एक रायफल मिली.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि नफिल शेख एक समय में कालियाचक का आतंक कहे जाने वाले बकुल शेख का करीबी था. बकुल शेख को पुलिस काफी पहले गिरफ्तार कर जेल पहुंचा चुकी है. उसके बाद से नफिल उसकी जगह लेने की कोशिश कर रहा था.
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